संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात करते हुए साफ कहा कि ईरान को अपनी आत्मरक्षा (self-defense) का पूरा अधिकार है। यह बातचीत 10-11 मार्च 2026 की रात को हुई, जब खाड़ी देशों में युद्ध के हालात बने हुए हैं। IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, UN ने इस मामले में कूटनीति के रास्ते बंद होने पर अफसोस भी जताया है और युद्ध रोकने की अपील की है।
UN और ईरान के बीच फोन कॉल में क्या बात हुई?
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची के बीच फोन पर गंभीर चर्चा हुई। इसमें UN प्रमुख ने माना कि जब किसी देश पर हमला होता है, तो उसे अपना बचाव करने का पूरा हक है। आपको बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के करीब 20 शहरों और परमाणु ठिकानों पर बड़े हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रीजनल बेस पर हमले किए। UN महासचिव ने इस बात पर चिंता जताई कि बातचीत का मौका अब हाथ से निकल रहा है और इस तनाव को रोकने की सख्त जरूरत है।
क्यों शुरू हुआ यह नया विवाद और क्या है Article 51?
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को कई लेटर लिखकर ‘Article 51’ का हवाला दिया है। UN Charter के इस नियम के तहत किसी भी देश को हमले के खिलाफ अपनी रक्षा करने का कानूनी अधिकार मिलता है। ईरान के UN प्रतिनिधि अमीर सईद इरावानी ने बताया कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों में 1300 से ज्यादा आम नागरिकों की जान गई है और हजारों घरों को नुकसान पहुंचा है।
ईरान के विदेश मंत्री ने भी साफ किया कि वह बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी रक्षा करना जारी रखेंगे। इसके अलावा ईरान का यह भी कहना है कि जिन देशों के बेस का इस्तेमाल उसके ऊपर हमले के लिए होगा, उन्हें भी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल UN Security Council में इस पूरे मुद्दे पर देशों की राय बंटी हुई है और शांति बनाए रखने की कोशिशें जारी हैं।
