संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट (Barakah Nuclear Power Plant) पर हुए ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया गया है, जिससे आम लोगों की जान, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। इस घटना के बाद सुरक्षा परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और इस तरह के हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
बराक न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले को लेकर क्या है पूरा मामला?
यूएई के बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास 17 मई 2026 को एक ड्रोन हमला हुआ था। इस गंभीर घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 19 मई 2026 को एक आपातकालीन सत्र आयोजित किया। बैठक में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने ब्रीफिंग दी। उन्होंने चेतावनी दी कि इस हमले से एक बड़ा परमाणु हादसा होते-होते बचा है। शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बने परमाणु संयंत्रों पर इस तरह के हमले किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं हैं।
सुरक्षा परिषद की बैठक में किन देशों ने हिस्सा लिया और क्या फैसले हुए?
इस बैठक में अमेरिका, रूस और चीन जैसी महाशक्तियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और हमले की कड़ी निंदा की। सुरक्षा परिषद ने यूएई में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले सभी हमलों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने की मांग की है। यूएई के राजदूत मोहम्मद ईसा अबुशहाब ने सुरक्षा परिषद के इस बयान का स्वागत किया और दोषियों को जिम्मेदार ठहराने की मांग की। यूएई की तकनीकी जांच के अनुसार, ये ड्रोन इराक की सीमा से आए थे, हालांकि इराक ने अपने क्षेत्र से किसी भी ड्रोन के लॉन्च होने से इनकार किया है।
बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट की सुरक्षा को लेकर यूएई का क्या रुख है?
सुरक्षा परिषद ने इस बात को रेखांकित किया कि बराक न्यूक्लियर प्लांट पूरी तरह सुरक्षित है। यह प्लांट यूएई की संघीय परमाणु नियामक प्राधिकरण (FANR) की देखरेख में और IAEA के सुरक्षा मानकों के अनुसार काम करता है। सुरक्षा परिषद ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर ड्रोन हमला कब हुआ था?
यूएई के बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट पर यह ड्रोन हमला 17 मई 2026 को हुआ था, जिसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 19 मई 2026 को आपातकालीन बैठक बुलाई।
यूएई के अनुसार ये ड्रोन कहां से आए थे?
यूएई की तकनीकी ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार, ये ड्रोन इराक की ओर से आए थे, हालांकि इराक सरकार ने अपने क्षेत्र से किसी भी ड्रोन के उड़ान भरने की बात से इनकार किया है।
इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने क्या कहा?
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने सुरक्षा परिषद को बताया कि इस हमले से एक बड़ा परमाणु हादसा होते-होते टला है और परमाणु संयंत्रों पर ऐसे हमले बेहद खतरनाक हैं।