ईरान द्वारा अपने पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी नाराजगी है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और दुनिया के 90 से ज्यादा देशों ने मिलकर ईरान की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है। इस मामले में एक बड़ा प्रस्ताव पास किया गया है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।

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सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2817 क्या है और इसमें क्या कहा गया है?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव संख्या 2817 को मंजूरी दी है। इस प्रस्ताव के बारे में मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इस प्रस्ताव को 13 देशों ने अपने पक्ष में वोट दिया।
  • इसमें ईरान से मांग की गई है कि वह Bahrain, Kuwait, Oman, Qatar, Saudi Arabia, UAE और Jordan पर अपने सभी हमले तुरंत बंद करे।
  • प्रस्ताव में Strait of Hormuz के जरिए होने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों के आने-जाने में बाधा डालने या धमकी देने की भी निंदा की गई है।
  • इस ड्राफ्ट प्रस्ताव को Bahrain ने GCC देशों और Jordan की तरफ से पेश किया था।

किन देशों ने साथ दिया और इस पर ईरान और अन्य देशों का क्या कहना है?

इस प्रस्ताव को दुनिया के 90 से ज्यादा देशों का समर्थन मिला। हालांकि, कुछ बड़े देशों की राय अलग थी:

  • रूस और चीन: इन दोनों देशों ने वोटिंग के दौरान तटस्थ रहने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव संतुलित नहीं है क्योंकि इसमें उन हमलों का जिक्र नहीं है जो अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर किए थे।
  • ईरान: ईरान ने इस फैसले को पूरी तरह गलत और गैरकानूनी बताया है। ईरान के राजदूत ने कहा कि यह सुरक्षा परिषद के अधिकारों का गलत इस्तेमाल है और यह फैसला राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
  • सऊदी अरब और सहयोगी: सऊदी अरब ने ईरान के हमलों को एक खतरनाक कदम बताया था और यह साफ किया था कि उनके पास अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई भी की जा सकती है।