संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। यह अहम बैठक फ्रांस के अनुरोध पर शनिवार, 28 फरवरी 2026 को रात 10 बजे (पेरिस समय) आयोजित की जा रही है। मिडिल ईस्ट में अचानक बिगड़े हालात और सैन्य कार्रवाई के बाद दुनिया भर के देशों की नजर इस बैठक पर टिकी है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय न्यूयॉर्क में होने वाली इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और बड़े युद्ध को रोकना है।

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मीटिंग क्यों बुलाई गई और क्या है ताज़ा हालात?

फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने जानकारी दी कि मिडिल ईस्ट में स्थिति गंभीर है, इसलिए सुरक्षा परिषद को तुरंत मिलना चाहिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ईरान के करमानशाह इलाके में एक डिफेंस सिस्टम (SA-65) पर हवाई हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त तेवर दिखाए हैं।

ईरान के विदेश मंत्री और राजदूत ने इस हमले को गैर-कानूनी बताया है और कहा है कि तेहरान अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres ने दोनों पक्षों से तुरंत हमले रोकने की अपील की है ताकि आम लोगों को नुकसान न हो।

आम लोगों और हवाई सफर पर क्या असर पड़ा?

इस तनाव का सीधा असर आम यात्रियों और प्रवासियों पर दिखने लगा है। भारत से खाड़ी देशों (Gulf) की ओर जाने वाली कई उड़ानों में रुकावट आई है। सुरक्षा कारणों से Air India Express ने अपनी पश्चिम की ओर जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 1 मार्च, 2026 तक रोक दी हैं। कोलकाता और बेंगलुरु से लगभग 13 उड़ानें रद्द होने की खबर है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा मार्किट और व्यापार पर भी असर की आशंका है:

  • माल भाड़ा बढ़ सकता है: भारतीय निर्यात संगठनों (FIEO) ने चेतावनी दी है कि लाल सागर (Red Sea) के रास्ते व्यापार मुश्किल हो सकता है, जिससे सामान भेजने का खर्च बढ़ सकता है।
  • UAE में हालात सामान्य: राहत की बात यह है कि UAE के अधिकारियों ने बताया है कि वहां खाने-पीने की चीजों का पूरा स्टॉक मौजूद है और लोकल मार्किट में पैनिक की कोई बात नहीं है।