संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 14 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर (Red Sea) और अदन की खाड़ी में किए जा रहे हमलों की निगरानी करने का कार्यकाल बढ़ा दिया है। यह आदेश अब 15 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। रेजोल्यूशन 2826 (2026) को 13 सदस्यों का समर्थन मिला, जबकि चीन और रूस ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

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क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति

क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है। हाल ही में 14 जुलाई को सऊदी अरब के Abha International Airport पर हूती गुट ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। इससे एक दिन पहले यमन सरकार ने भी सना एयरपोर्ट पर एक अनधिकृत ईरानी फ्लाइट को उतरने से रोकने के लिए कार्रवाई की थी। हूती गुट, जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त है, लगातार व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिका के राजदूत Mike Waltz ने हूती हमलों की कड़ी निंदा की और इसे नेविगेशन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। वहीं, IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने जानकारी दी कि पिछले तीन महीनों में समुद्री डकैती और लूटपाट की 24 घटनाएं सामने आई हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हैं। चीन ने इस मामले में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर सवाल उठाए, जबकि रूस का मानना है कि दिसंबर 2025 के बाद से जहाजों पर हमलों की कमी के कारण इस प्रस्ताव की कोई खास जरूरत नहीं थी।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.