संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की ईरान पर हुई बैठक बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। रूस और चीन के कड़े विरोध की वजह से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। यह बैठक 10 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसमें दुनिया के बड़े देशों के बीच गहरे मतभेद साफ़ दिखाई दिए।

इस बैठक में साल 2015 के परमाणु समझौते, जिसे JCPOA के नाम से जाना जाता है, की स्थिति पर चर्चा होनी थी। इससे पहले 10 जून 2026 को भी एक मीटिंग हुई थी, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई थी। उस समय रूस और चीन ने मीटिंग बुलाने का ही विरोध किया था। उनका कहना था कि प्रतिबंध समिति का समय पूरा हो चुका है। हालांकि, वोटिंग के बाद वह मीटिंग हुई थी, लेकिन वहां भी सदस्य देशों के बीच कानूनी बातों को लेकर काफी बहस हुई।

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में जून वाली बैठक को गलत बताया। ईरान का कहना है कि सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2231 अक्टूबर 2025 में ही खत्म हो गया था। इसलिए अब इस मुद्दे पर चर्चा करने या समिति चलाने का कोई कानूनी आधार नहीं है। ईरान ने यह भी दोहराया कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांति के मकसद के लिए है।

रूस और चीन का मानना है कि 2025 में समझौता खत्म होने के साथ ही ईरान पर लगे सभी पुराने प्रतिबंध भी पूरी तरह खत्म हो गए। रूस के प्रतिनिधि Vasily Nebenzya ने कहा कि वे ऐसे किसी भी फैसले का समर्थन नहीं करेंगे जिससे अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए गलत मिसाल बने। दूसरी तरफ, अमेरिका और उसके साथी पश्चिमी देशों का कहना है कि पुराने प्रतिबंध अपने आप फिर से लागू हो गए हैं। उनका कहना है कि चीन और रूस को इस काम में रुकावट नहीं डालनी चाहिए। फिलहाल, दोनों पक्षों की जिद की वजह से यह मामला फंसा हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.