संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज 11 मार्च 2026 को न्यूयॉर्क में लेबनान के हालात और ईरान के हमलों को लेकर एक बड़ी इमरजेंसी बैठक कर रहा है। बहरीन ने खाड़ी सहयोग परिषद की तरफ से एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें मांग की गई है कि ईरान अपने ड्रोन और मिसाइल हमले तुरंत बंद करे। खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों भारतीयों के लिए यह बैठक बहुत मायने रखती है क्योंकि वहां की शांति और व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

प्रस्ताव में किन मुख्य बातों पर जोर दिया गया है?

इस प्रस्ताव को दुनिया के 80 से ज्यादा देशों ने अपना समर्थन दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि लेबनान में Hezbollah और यमन में Houthis जैसे गुटों की सैन्य गतिविधियां पूरी तरह बंद होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के बड़े अधिकारी Rosemary DiCarlo और Jean-Pierre Lacroix इस पर अपनी ब्रीफिंग देंगे। इसके साथ ही लेबनान की सरकार के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है जिसमें केवल सरकारी सेना के पास हथियार रखने की बात कही गई थी।

युद्ध और तनाव की वजह से क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं?

युद्ध और हमलों की वजह से खाड़ी क्षेत्र में जहाजों का आना-जाना लगभग ठप हो गया है और लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

विवरण रिपोर्ट के आंकड़े
Strait of Hormuz में जहाजों का ट्रैफिक 97 प्रतिशत कम हुआ
लेबनान में विस्थापित लोग 7,00,000 के करीब
पिछले 24 घंटे में पलायन 1,00,000 से ज्यादा लोग
बैठक का समय सुबह 10:00 बजे EST

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस मामले पर गहरी चिंता जताई है और लड़ाई को तुरंत रोकने की अपील की है। अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई को जायज बताते हुए कहा है कि यह मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने के लिए जरूरी है। वहीं मानवीय संगठनों ने ईरान में तेल डिपो पर हमलों के बाद वहां जहरीली बारिश होने की चेतावनी भी जारी की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.