Strait of Hormuz में जहाजों से पैसे लेने की बात पर अब दुनिया भर में हंगामा शुरू हो गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। कई देशों और बड़े अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि समुद्र के इस रास्ते पर कोई टैक्स या फीस नहीं ली जा सकती।
Strait of Hormuz में फीस लगाने पर विवाद क्यों हुआ?
ईरान पर आरोप लगा है कि वह इस समुद्री रास्ते पर आने-जाने वालों के लिए पाबंदियां लगा रहा है और उनसे फीस मांग रहा है। International Maritime Organization (IMO) के प्रमुख Arsenio Dominguez ने कहा कि किसी भी देश के पास इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते पर टोल या टैक्स लगाने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जहाज चलाने की आजादी से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
दुनिया के बड़े देशों और अधिकारियों ने क्या कहा?
27 अप्रैल 2026 को हुई मीटिंग में कई दिग्गजों ने ईरान के इस कदम का विरोध किया और निम्नलिखित बातें कहीं:
- UN महासचिव Antonio Guterres: उन्होंने तुरंत रास्ता खोलने और बिना किसी भेदभाव के व्यापार शुरू करने की मांग की।
- UK मंत्री Stephen Doughty: उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में टोल या अनुमति जैसी कोई चीज नहीं होती और रास्ता पूरी तरह मुफ्त होना चाहिए।
- बहरीन के विदेश मंत्री Abdullatif bin Rashid Al Zayani: उन्होंने कई देशों की तरफ से एक साझा बयान दिया और कहा कि यह UNCLOS कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है।
ईरान का इस मुद्दे पर क्या रुख है?
ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख Ebrahim Azizi ने संकेत दिया है कि ईरानी सशस्त्र बल एक नए प्रस्तावित कानून के तहत इस जलमार्ग का प्रबंधन करेंगे। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय समुदाय और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है क्योंकि दुनिया इसे व्यापार के लिए खतरा मान रही है।