संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 7 अप्रैल 2026 को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर पेश किया गया एक अहम प्रस्ताव गिर गया है। इस प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो लगा दिया है जिसकी वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका। ईरान ने इस कदम का स्वागत किया है और प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इस समुद्री रास्ते को लेकर पूरी दुनिया में तनाव बना हुआ है और अमेरिका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दे रखी है।

वोटिंग के दौरान किस देश का क्या स्टैंड रहा?

इस प्रस्ताव को बहरीन ने पेश किया था और सुरक्षा परिषद के कुल 15 सदस्यों में से 11 देशों ने इसके पक्ष में वोट दिया था। हालांकि रूस और चीन के पास वीटो पावर है और उनके विरोध में वोट डालने की वजह से प्रस्ताव खारिज हो गया। पाकिस्तान और कोलंबिया इस वोटिंग से दूर रहे। इस प्रस्ताव के जरिए मांग की गई थी कि ईरान व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद करे और समुद्री रास्ते में रुकावट पैदा करना बंद करे।

पक्ष/भूमिका देश का नाम
प्रस्ताव का समर्थन किया अमेरिका, बहरीन और 9 अन्य देश
वीटो लगाया (विरोध) रूस और चीन
वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया पाकिस्तान और कोलंबिया
प्रस्ताव को गलत बताया ईरान

ईरान और अमेरिका की प्रतिक्रिया और मौजूदा हालात

ईरान के यूएन राजदूत आमिर-सईद इरवानी ने कहा कि यह प्रस्ताव तथ्यों और कानूनी नजरिए से पूरी तरह गलत था। उन्होंने रूस और चीन का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने इस प्रस्ताव को रोक दिया। दूसरी तरफ अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज़ ने रूस और चीन की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि वे उस शासन का समर्थन कर रहे हैं जो खाड़ी देशों को डराने की कोशिश कर रहा है।

  • ईरान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आत्मरक्षा के अधिकार के तहत है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज़ खोलने के लिए समय सीमा दी थी जो खत्म होने वाली है।
  • बहरीन के प्रस्ताव में मांग की गई थी कि जहाजों की सुरक्षा के लिए सामूहिक कोशिशें तेज की जाएं।
  • ईरान की सेना IRGC ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने रेड लाइन पार की तो अंजाम बुरा होगा।
  • ब्रिटेन इस मामले पर एक बड़ी सैन्य प्लानिंग मीटिंग करने की तैयारी कर रहा है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य व्यापार के लिए दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है और यहां तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और सामानों की सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रास्ते से ही ज़्यादातर समुद्री यातायात होता है। अगर यहां सुरक्षा के हालात बिगड़ते हैं तो इसका असर फ्लाइट्स और शिपिंग रूट्स पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव खारिज होने से कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.