UN अधिकारी Francesca Albanese ने इसराइली सेना द्वारा फ़िलिस्तीनी नागरिक Fathi Khazem की हत्या की कड़ी निंदा की.

संयुक्त राष्ट्र (UN) की विशेष रैपर्टुअर Francesca Albanese ने 21 अगस्त 2026 को जेनिन स्थित उनके घर में इसराइली बलों द्वारा मारे गए 58 वर्षीय Fathi Khazem की हत्या की औपचारिक रूप से कड़ी निंदा की है। इस घटना ने एक बार फिर से क्षेत्र में चल रहे तनाव और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मारे गए फति खाजेम फ़िलिस्तीनी राष्ट्रीय सुरक्षा बलों में सेवानिवृत्त कर्नल थे, जिनकी हत्या के बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि घटना के समय एक एम्बुलेंस को फति खाजेम तक पहुंचने से रोक दिया गया था, जिससे उन्हें समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल सकी और वह खून से लथपथ होकर दम तोड़ने के लिए मजबूर हो गए। इसके बाद इसराइली सैनिकों ने उनके शव को भी अपने कब्जे में ले लिया, जिसे लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर की गई तीखी आलोचना
घटना के अगले दिन यानी 22 अगस्त 2026 को, उन अधिकारियों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और इस पूरी घटना के खिलाफ खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने इसराइली सेना को एक अनैतिक सेना करार दिया जो खुलेआम नरसंहार जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि दुनिया के बड़े नेता पीड़ितों के अधिकारों और उनके जीवन तथा आत्मनिर्णय के अधिकार को मान्यता देने में पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी गहरा दुख जताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के पूरे अस्सी साल बीत जाने के बाद भी इस तरह की दर्दनाक घटनाएं मानवता को शर्मसार कर रही हैं। इससे पहले 21 अगस्त को दिए गए अपने एक अन्य बयान में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि इसराइली कब्जे का अब तुरंत अंत होना चाहिए, जिसके लिए उन्होंने साल 2024 के अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के सलाहकार और कानूनीopinions का भी हवाला दिया था।
परिवार ने लगाया बदले की भावना से हत्या का आरोप
पीड़ित परिवार के सदस्यों ने, जो उन्हें प्यार से "Abu Ra'ad" के नाम से भी जानते थे, इस पूरी कार्रवाई को एक सुनियोजित तरीके से की गई हत्या और सीधे तौर पर बदले की भावना से उठाया गया कदम बताया है। परिवार के मुताबिक इस पूरी खौफनाक घटना को फति खाजेम के 12 वर्षीय बेटे ने अपनी आंखों से देखा था, जो इस गोलीबारी के वक्त वहीं मौजूद था। इस परिवार पर दुखों का पहाड़ पहले भी टूट चुका है, क्योंकि फति खाजेम ने साल 2022 में ही इसराइली सैन्य अभियानों में अपने दो अन्य बेटों, जिनका नाम Raad और Abdul Rahman था, को खो दिया था। इस बीच, Palestinian Health Ministry और Wafa news agency ने इस दुखद मौत की पूरी पुष्टि कर दी है। दूसरी तरफ, Israel Defense Forces (IDF) ने अपनी सफाई में एक आधिकारिक बयान जारी किया है जिसमें यह दावा किया गया कि मृत व्यक्ति एक हमलावर था जिसने जेनिन में एक सैनिक पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया था। हालांकि, इन तमाम दावों के बीच इसराइली सेना ने अभी तक पीड़ित के शव को उनके परिवार को नहीं सौंपा है, जिससे परिजनों का दर्द और अधिक बढ़ गया है।