गाज़ा पट्टी पर नियंत्रण को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) और इसराइल के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। UN के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने साफ शब्दों में कहा है कि गाज़ा का शत-प्रतिशत हिस्सा फिलिस्तीनी लोगों का होना चाहिए। यह बयान इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने गाज़ा पट्टी पर सैन्य नियंत्रण को बढ़ाकर 70 फ़ीसदी करने का एलान किया था। इस नए घटनाक्रम से अक्टूबर 2025 में हुए संघर्षविराम समझौते को बड़ा झटका लगा है और मानवीय संकट और गहराने की आशंका पैदा हो गई है।
इसराइल का नया सैन्य प्लान क्या है?
इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने 28 मई 2026 को वेस्ट बैंक के जॉर्डन वैली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सेना को नया आदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि गाज़ा पट्टी पर सैन्य नियंत्रण को 60 फ़ीसदी से बढ़ाकर 70 फ़ीसदी किया जाए। इससे पहले मई 2026 में ही इसराइल ने नियंत्रण को 50 से बढ़ाकर 60 फ़ीसदी किया था। इसराइली रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी साफ किया कि उनका लक्ष्य हमास के शासन को खत्म करना है और उन्होंने गाज़ा के नागरिकों के स्वैच्छिक विस्थापन की योजना की तरफ इशारा किया है।
UN और अन्य देशों ने इस पर क्या आपत्ति जताई?
UN प्रवक्ता Stephane Dujarric ने 29 मई 2026 को न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसराइल के इस प्लान का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने मांग की कि इसराइल को गाज़ा के कब्जे वाले क्षेत्रों से अपनी सेना पीछे हटानी चाहिए। जर्मनी के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Kathrin Deschauer ने भी इस पर चिंता जताई है और कहा है कि इस तरह के कदमों से राहत कार्यों में बाधा आएगी और जर्मनी गाज़ा के किसी भी स्थायी विभाजन के खिलाफ है।
क्या अक्टूबर 2025 के संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन हुआ है?
अमेरिका की मध्यस्थता में अक्टूबर 2025 में एक संघर्षविराम समझौता हुआ था, जिसके तहत इसराइली सेना का नियंत्रण गाज़ा के 53 फ़ीसदी हिस्से पर ही रहना तय हुआ था। हालांकि, रिपोर्टों के अनुसार इसराइल ने Yellow Line यानी अस्थायी सीमा को एकतरफा तरीके से आगे बढ़ा दिया है। इसके अलावा, हाल ही में UN ने इसराइल को संघर्ष वाले क्षेत्रों में यौन हिंसा से जुड़े संदिग्ध देशों की ब्लैकलिस्ट में शामिल किया है, जिसके बाद इसराइल ने UN महासचिव कार्यालय से संबंध तोड़ने की चेतावनी दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
संयुक्त राष्ट्र का गाज़ा को लेकर क्या रुख है?
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता Stephane Dujarric ने स्पष्ट किया है कि पूरे 100 प्रतिशत गाज़ा पर फिलिस्तीनी लोगों का अधिकार होना चाहिए और इसराइली सेना को वहां से हट जाना चाहिए।
इसराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने गाज़ा नियंत्रण पर क्या एलान किया है?
प्रधानमंत्री Netanyahu ने इसराइली सेना को निर्देश दिया है कि गाज़ा पट्टी पर अपना नियंत्रण वर्तमान 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक किया जाए।