संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख ने आगाह किया है कि लेबनान पर इसराइल के हमले अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम समझौते के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। 7 अप्रैल को घोषित इस दो हफ्ते के शांति समझौते को अभी ठीक से लागू भी नहीं किया गया था कि हमलों ने तनाव बढ़ा दिया। UN महासचिव ने इसे क्षेत्र में शांति की कोशिशों के लिए एक गंभीर जोखिम बताया है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।

लेबनान पर हमलों से बिगड़े हालात की पूरी जानकारी

इसराइल ने 8 अप्रैल को लेबनान पर हवाई हमले तेज कर दिए थे, जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और सिविल डिफेंस के आंकड़ों के अनुसार, इन हमलों में अब तक 254 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1,165 लोग घायल हैं। UN के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने लेबनान में हो रही मौतों को भयावह बताया है। उधर, हिजबुल्लाह ने भी इन हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताते हुए उत्तरी इसराइल पर रॉकेट दागे हैं।

समझौते को लेकर क्या है देशों के बीच विवाद?

इस युद्धविराम की शर्तों को लेकर अलग-अलग देशों के बयानों ने भ्रम पैदा कर दिया है, जिसे नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • इसराइल का रुख: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि यह समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है और उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
  • अमेरिका का बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था क्योंकि वहां हिजबुल्लाह मौजूद है।
  • ईरान की चेतावनी: ईरान ने धमकी दी है कि अगर लेबनान में हमले नहीं रुके तो वह फिर से युद्ध शुरू कर देगा और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता भी बंद कर दिया है।
  • पाकिस्तान की भूमिका: मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुसार यह समझौता लेबनान सहित हर जगह के लिए है।

घटनाक्रम और आने वाले दिनों का कार्यक्रम

समय और तारीख बड़ा अपडेट
7 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा हुई।
8-9 अप्रैल 2026 इसराइल के भीषण हमले और ईरान द्वारा समुद्री रास्ता बंद करने का ऐलान।
10 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक बातचीत शुरू होने की तारीख।

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। वहीं लेबनान के राष्ट्रपति ने इन हमलों को बर्बरता करार दिया है। दुनिया भर के राजनयिक अब इस कोशिश में जुटे हैं कि 10 अप्रैल को होने वाली बातचीत से पहले हालात और न बिगड़ें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.