UN की बड़ी चेतावनी, बारूदी सुरंगों से बच्चों की जान को खतरा, दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में बढ़ा जोखिम
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दुनिया भर में बारूदी सुरंगों और युद्ध के अवशेषों से बच्चों को होने वाले खतरे पर गंभीर चिंता जताई है। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने हाल ही में इस चेतावनी को साझा किया है। यह समस्या अब कई देशों में बहुत बड़ी चुनौती बन गई है, जिससे मासूम बच्चों की जान जा रही है और वे अपाहिज हो रहे हैं।
ℹ️: Israel PM Update: नेतन्याहू को हुआ था कैंसर, इलाज के बाद अब हुए पूरी तरह ठीक, खुद किया ऐलान।
बारूदी सुरंगों से बच्चों पर कितना असर पड़ रहा है?
UN Mine Action Service (UNMAS) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में करीब 10 करोड़ लोग बारूदी सुरंगों के जोखिम के बीच रह रहे हैं। इन विस्फोटकों का शिकार होने वाले 90% लोग आम नागरिक हैं और उनमें से लगभग आधे बच्चे हैं। साल 2024 में दुनिया भर में 6,279 लोग इन सुरंगों की चपेट में आए, जो पिछले चार सालों का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
यमन और अन्य देशों में क्या हालात हैं?
Save the Children के नए डेटा के मुताबिक, अप्रैल 2022 से यमन में बच्चों की मौतों और चोटों का एक बड़ा हिस्सा बारूदी सुरंगों की वजह से हुआ है। यहाँ कुल 1,182 बच्चों में से 511 बच्चे इन विस्फोटकों का शिकार हुए। UN के अधिकारियों ने बताया कि इन सुरंगों की वजह से न केवल जान जा रही है, बल्कि स्कूल बंद हो रहे हैं और खेती-बाड़ी का काम भी रुक गया है।
सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
UN ने देशों से अपील की है कि वे इन सुरंगों को हटाने के लिए ज्यादा बजट और राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाएं। ओटावा कन्वेंशन जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए इन्हें रोकने की कोशिश की गई है, लेकिन कुछ देशों के इस समझौते से पीछे हटने की कोशिशों ने खतरे को और बढ़ा दिया है। UN का लक्ष्य अब मानवीय सहायता के नियमों को मजबूत करना और तेजी से सुरंगों की सफाई करना है।