संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में ईरान के मीनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले को लेकर अहम चर्चा हुई है। 27 मार्च 2026 को हुई इस बैठक में अमेरिका और इजरायल के कथित हमले की कड़ी आलोचना की गई। इस हमले में 175 से ज्यादा छात्रों और शिक्षकों की मौत हो गई थी, जिसे ईरान ने एक युद्ध अपराध बताया है। चीन और क्यूबा के समर्थन से ईरान ने इस मुद्दे पर आपातकालीन बहस की मांग की थी।

हमले में क्या हुआ और कितने लोगों की जान गई?

यह घटना 28 फरवरी 2026 को ईरान के मीनाब में शजरेह तैयबा एलिमेंट्री स्कूल में हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, एक मिसाइल हमले में 150 से अधिक छात्रों और शिक्षकों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर 7 से 12 साल की स्कूली लड़कियां थीं। मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की गहन जांच की मांग की है। Human Rights Watch ने अपनी जांच में पाया कि स्कूल के पास किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि का कोई सबूत नहीं था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसने क्या बयान दिया?

संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न देशों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस बैठक में मुख्य बातें इस प्रकार रहीं:

  • ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इसे जानबूझकर किया गया हमला और मानवता के खिलाफ अपराध बताया।
  • UN मानवाधिकार प्रमुख Volker Türk ने हमले की निंदा की और अमेरिका से जांच के नतीजे सार्वजनिक करने को कहा।
  • Amnesty International ने 16 मार्च को ही इस हमले को गैरकानूनी बताते हुए इसे युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा था।
  • अमेरिका ने इस घटना को एक ‘निशाना बनाने की गलती’ बताया है, जिसे Tomahawk मिसाइल से जुड़ा बताया जा रहा है।
  • इजरायली सेना के प्रवक्ता ने इलाके में किसी भी हमले की जानकारी होने से इनकार किया है।

ईरान के राजनयिकों का कहना है कि आज की आधुनिक तकनीक के दौर में इस तरह की गलती की गुंजाइश कम है। बैठक में एक पीड़ित मां ने भी अपनी बात रखी जिसने इस हमले में अपने बच्चों को खो दिया था। परिषद ने इस मामले में न्याय और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.