वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए बजट में आम लोगों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने विदेश से व्यक्तिगत उपयोग के लिए लाए जाने वाले सामानों पर कस्टम ड्यूटी को आधा कर दिया है। पहले यह शुल्क 20% लगता था, जिसे अब घटाकर 10% कर दिया गया है। यह नया नियम 2 फरवरी 2026 से लागू होने जा रहा है, जिससे विदेश से सामान लाना काफी किफायती हो जाएगा।

व्यक्तिगत सामान पर टैक्स हुआ आधा

सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जो अक्सर विदेश यात्रा करते हैं या बाहर से ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी में भारी कटौती की गई है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह कदम आम आदमी को महंगाई से राहत देने और चीजों को सस्ता बनाने के लिए उठाया गया है। नए बैगेज रूल्स (Baggage Rules, 2026) के तहत अब आपको इंपोर्टेड सामान के लिए कम टैक्स चुकाना होगा, जिससे आपकी जेब पर बोझ कम पड़ेगा।

कैंसर की दवा और सोलर एनर्जी पर बड़ी राहत

बजट में सिर्फ पर्सनल सामान ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में भी कस्टम ड्यूटी में कटौती की गई है। कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 जरूरी दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा। इसके अलावा सोलर ग्लास बनाने के लिए जरूरी सामान और माइक्रोवेव ओवन के निर्माण में लगने वाले पार्ट्स पर भी ड्यूटी जीरो कर दी गई है। इससे ये सामान बाजार में सस्ते हो जाएंगे।

जानिए किस चीज़ पर अब कितना लगेगा टैक्स

सरकार ने अलग-अलग सेक्टर में टैक्स को तर्कसंगत बनाने के लिए कई बदलाव किए हैं। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि किस सामान पर कितनी छूट मिली है:

सामान की श्रेणी नया नियम/छूट
पर्सनल यूज़ का सामान ड्यूटी 20% से घटकर 10%
कैंसर की 17 दवाएं ड्यूटी पूरी तरह माफ
मोबाइल/बैटरी निर्माण मशीनों पर 0% ड्यूटी
सोलर ग्लास मटेरियल 7.5% से घटकर 0%
माइक्रोवेव ओवन पार्ट्स ड्यूटी पूरी तरह माफ
विमान के पुर्जे मरम्मत के सामान पर 0% ड्यूटी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.