संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के गैर-स्थायी सदस्य के चुनाव में जर्मनी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। दशकों में यह पहली बार है जब जर्मनी इस प्रतिष्ठित सीट को हासिल करने में नाकाम रहा। इस चुनाव में ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल ने बाजी मारी और सीटें अपने नाम कर लीं। जर्मनी की इस हार पर ईरान ने तीखा हमला बोला है और इसे जर्मनी की नीतियों का नतीजा बताया है।

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चुनाव में क्या हुआ और जर्मनी क्यों हारा?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव दो साल के कार्यकाल के लिए होता है। सीट जीतने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा से दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। जर्मनी ने ‘वेस्टर्न यूरोपियन एंड अदर्स ग्रुप’ में चुनाव लड़ा था। इस मुकाबले में ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल ने अधिक वोट हासिल किए और साल 2027-2028 के कार्यकाल के लिए दो उपलब्ध सीटें जीत लीं।

जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने इस हार को एक कड़वी हार बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को मजबूत समर्थन और इजरायल के साथ करीबी संबंधों की वजह से जर्मनी को वोटों का नुकसान हुआ होगा। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज ने हार के बाद कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन करता रहेगा और उन्होंने जीतने वाले देशों को बधाई दी। जर्मन अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि रूस ने जर्मनी के खिलाफ अभियान चलाया था।

ईरान ने जर्मनी की हार पर क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस फैसले का स्वागत करते हुए जर्मनी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जर्मनी की यह हार अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से मिला एक कड़ा जवाब है। उन्होंने कहा कि जर्मनी इजरायल को हथियार देने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है। ईरान के मुताबिक, गाजा में चल रहे संघर्ष और ईरान के खिलाफ इजरायल की हरकतों पर जर्मनी का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा है, जिसका परिणाम उसे इस हार के रूप में देखना पड़ा है।

जर्मनी के भीतर भी इस हार को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ सांसदों ने अब इजरायल पर कड़ा रुख अपनाने और गाजा में हो रही मौतों के लिए उसे जिम्मेदार ठहराने की मांग की है। राजनीतिक विश्लेषकों का भी मानना है कि इजरायल और गाजा मामले पर जर्मनी की नीति इस हार की बड़ी वजह बनी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सीट जीतने के लिए कितने वोटों की आवश्यकता होती है?

सुरक्षा परिषद में गैर-स्थायी सदस्य बनने के लिए उम्मीदवार देश को संयुक्त राष्ट्र महासभा में मतदान करने वाले देशों के दो-तिहाई बहुमत का समर्थन हासिल करना जरूरी होता है।

जर्मनी को हराकर किन देशों ने चुनाव जीता है?

जर्मनी को हराकर ऑस्ट्रिया और पुर्तगाल ने वेस्टर्न यूरोपियन एंड अदर्स ग्रुप से दो उपलब्ध सीटें जीती हैं, जिससे वे साल 2027-2028 के लिए सदस्य बने हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com