उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली की भारी कटौती ने लोगों को काफी परेशान कर दिया है। इस अघोषित बिजली कटौती के पीछे कोई आम वजह नहीं, बल्कि यूपी और अन्य राज्यों में स्थित कई बड़े पावर प्लांटों का अचानक बंद होना है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने जिन प्लांटों से बिजली खरीदने का करार किया था, उनमें से करीब एक दर्जन प्लांट मई 2026 में तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से बंद रहे। इसकी वजह से कॉरपोरेशन को जरूरत के समय पर्याप्त बिजली नहीं मिल सकी और कई जिलों में बिजली संकट गहरा गया।
आखिर मई में क्यों ठप हुई बिजली की सप्लाई?
उत्तर प्रदेश में मई 2026 के दौरान पिछले साल के मुकाबले तापमान में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। 22 मई 2026 को राज्य के इतिहास में सबसे ज्यादा यानी 669 मिलियन यूनिट बिजली की सप्लाई की गई थी। लेकिन इस भारी मांग के बीच कई बड़े पावर प्लांट बंद पड़ गए, जिससे संकट और बढ़ गया। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस पर नाराजगी जताते हुए बिजली इकाइयों के रख-रखाव और कोयला प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है।
मई 2026 के दौरान बंद रहने वाले प्रमुख पावर प्लांट और उनकी अवधि इस प्रकार है:
| पावर प्लांट का नाम | बिजली क्षमता | बंद रहने की अवधि |
|---|---|---|
| घाटमपुर | 660 मेगावॉट | 18 दिन |
| ललितपुर | 660 मेगावॉट | 11 दिन |
| जेएसडब्ल्यू महानदी (केएसके) | 1000 मेगावॉट | 10 दिन |
| ओबरा-बी | 200 मेगावॉट | 9.5 दिन |
| ओबरा-सी | 660 मेगावॉट | 8 दिन |
| अनपरा-डी | 500 मेगावॉट | 6.5 दिन |
लापरवाही पर एक्शन और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
यूपी में बढ़ते बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मई 2026 को ऊर्जा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को गांवों से लेकर शहरों तक बिना किसी रुकावट के बिजली देने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि बिजली सप्लाई में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने के आरोप में गाजियाबाद और मेरठ के दो अधिशासी अभियंताओं को निलंबित भी कर दिया गया है।
इसके साथ ही, बिजली संकट को लेकर जनता के बढ़ते गुस्से को देखते हुए लखनऊ के 31 संवेदनशील बिजली उपकेंद्रों पर पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) के जवानों को तैनात किया गया है ताकि वहां कानून व्यवस्था बनी रहे।
भविष्य की तैयारियों पर सरकार का क्या है प्लान?
बिजली विभाग के शीर्ष प्रबंधन और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की है। यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने तकनीकी समस्याओं और ट्रिपिंग को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने भविष्य की मांग को देखते हुए एक लंबी अवधि की रणनीति बनाई है। इसके तहत साल 2015 से 2026 के बीच कुल 32,305 मेगावॉट बिजली के लिए समझौते किए गए हैं और साल 2029 तक राज्य में 10,719 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती का मुख्य कारण क्या है?
भीषण गर्मी में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन इसी दौरान उत्तर प्रदेश को बिजली देने वाले करीब एक दर्जन बड़े पावर प्लांट तकनीकी दिक्कतों के कारण बंद रहे। इसी वजह से अघोषित बिजली कटौती हो रही है।
बिजली विभाग में लापरवाही बरतने पर क्या कार्रवाई की गई है?
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बाद बिजली आपूर्ति में लापरवाही बरतने के आरोप में गाजियाबाद और मेरठ के दो अधिशासी अभियंताओं को सस्पेंड कर दिया गया है और लखनऊ के संवेदनशील सब-स्टेशनों पर सुरक्षा के लिए पीएसी तैनात की गई है।