दुबई में रोजगार के लिए गए उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के एक युवक कानूनी मुश्किलों में फंस गए हैं. 25 लाख रुपये का भारी जुर्माना नहीं चुका पाने के कारण उनकी वतन वापसी रुकी हुई है. इस बीच पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इस मामले में दखल दिया है और मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

अमित कुमार मौर्य के दुबई में फंसने की पूरी कहानी क्या है?

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के रहने वाले अमित कुमार मौर्य लगभग चार साल पहले नौकरी की तलाश में दुबई गए थे. वहां एक कानूनी मामले में फंसने के बाद दुबई की एक अदालत ने उन्हें छह महीने की सजा सुनाई और साथ ही लगभग 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. अमित ने अपनी छह महीने की सजा पूरी कर ली है, लेकिन भारी जुर्माने की रकम जमा न कर पाने के कारण दुबई प्रशासन उन्हें भारत लौटने की अनुमति नहीं दे रहा है.

पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति और मदद की गुहार

अमित के पिता राम अशोक मौर्य ने बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. बेटे की चिंता में कुछ महीने पहले ही अमित की मां का निधन हो गया. परिवार ने बेटे को वापस लाने के लिए अपना घर तक बेच दिया और रिश्तेदारों से भी मदद मांगी, लेकिन फिर भी 25 लाख रुपये की भारी रकम का इंतजाम नहीं हो सका. अमित के पिता काफी समय से बीमार चल रहे हैं. उन्होंने विदेश राज्य मंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय से भी मदद की अपील की थी.

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मामले में क्या कदम उठाया है?

विश्व कल्याण सेवा संस्थान के अध्यक्ष विनय मौर्य ने भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की थी. उन्होंने दुबई सरकार के साथ तालमेल बिठाकर अमित की वापसी सुनिश्चित करने की अपील की थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लिया है. पीएमओ कार्यालय के संयुक्त सचिव डॉ. बिनय गोगोई ने इस पूरे मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. इस पहल के बाद परिवार को उम्मीद है कि अमित जल्द ही सुरक्षित भारत लौट सकेंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमित कुमार मौर्य दुबई में क्यों फंसे हुए हैं?

अमित कुमार मौर्य दुबई की जेल में अपनी छह महीने की सजा काट चुके हैं, लेकिन अदालत द्वारा लगाए गए 25 लाख रुपये के भारी जुर्माने को न चुका पाने के कारण वे भारत वापस नहीं आ पा रहे हैं.

इस मामले में पीएमओ ने क्या कार्रवाई की है?

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के संयुक्त सचिव डॉ. बिनय गोगोई ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित विभाग से इसकी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है ताकि अमित की वापसी का रास्ता साफ हो सके.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.