माफिया से राजनेता बने अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवालों के बीच योगी सरकार ने प्रदेश के टॉप माफिया की सूची जारी की है. इसमें 40 नाम शामिल किए गए हैं. 

सूची में मेरठ जोन के उधम सिंह, 

  • योगेश भदोड़ा, 
  • बदन सिंह उर्फ बद्दों, 
  • हाजी याकूब कुरैली,
  •  सुनील राठी, 
  • धर्मेंद्र, 
  • यशपाल तोमर, 
  • अमरपाल उर्फ कालू अनुज बारखा, 
  • विक्रांत, 
  • हाजी इकबाल, 
  • विनोद शर्मा, 
  • सुनील उर्फ मूंछ, 
  • संजीव माहेश्वरी, 
  • विनय त्यागी, 

आगरा जोन के अनिल चौधरी, ऋषि कुमार शर्मा,

बरेली जोन के एजाज और कानपुर के अनुपम दुबे का नाम शामिल था.

लखनऊ से खान मुबारक,

  • अजय सिपाही,
  • संजय सिंह सिंघाला,
  • अतुल वर्मा,
  • कासिम,
  • प्रयागराज से डब्बू सिहं,
  • सुधाकर सिंह,
  • गुड्डू सिंह,
  • अनूप सिंह,

 

  • वाराणसी जोन से मुख्तार अंसारी, त्रिभुवन सिंह, विजय मिश्रा, ध्रुव सिंह, अखंड प्रताप सिंह, रमेश सिंह उर्फ काका का नाम शामिल है.
  • गोरखपुर की सूची में संजीव द्विवेदी, राकेश यादव, बृजेश सिंह, सुधीर कुमार सिंह, विनोद कुमार, राजन तिवारी, रिजवान जहीर, देवेंद्र सिंह,
  • गौतमबुद्ध नगर से सुंदर भाटी, सिंहराज भाटी, अमित कसाना, अनिल भाटी, रणदीप भाटी, मनोज उर्फ आसे, अनिल दुजाना का नाम शामिल है.

 

इन लोगों पर हत्या, अपहरण, अवैध शराब कारोबार और अवैध संपत्ति जुटाने या कब्जाने के आरोप हैं. अब यूपी पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है. पुलिस का कहना है कि इनके गैंग के खिलाफ कार्रवाई होगी, उनकी अवैध संपत्तियों को कब्जे में लिया जाएगा. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि इन माफियों से 500 करोड़ रुपए की संपत्ति जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश से इन माफिया के आपराधिक नेटवर्क को भी खत्म किया जाएगा.