UPI पर लगा लिमिट, दिन भर नहीं चलता रहेगा ले पेमेंट और दे पेमेंट. बाज़ार में APP पर भी लागू हुआ CAP वाला प्रतिबंध

GulfHindi Desk29 May 20242 min read1 viewsIndia

भारत में यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए बीते कुछ सालों में ऑनलाइन लेन-देन का चलन काफी बढ़ा है। आज कल हर कोई पान की दुकान से लेकर बड़े-बड़े बिल के पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल करता है। UPI पेमेंट विकल्प यूजर को अलग-अलग तरह की ऑनलाइन खरीदारी या सेवाओं के लिए लचीलापन, सुरक्षा और धन तक आसान पहुंच प्रदान करता है।

UPI की ट्रांसफर लिमिट

NCPI के अनुसार, ट्रांजैक्शन की सीमा प्रति दिन 1 लाख रुपये है। हालांकि, यदि एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस और हेल्थ केयर के लिए पेमेंट किया जाना है, तो सीमा 5 लाख रुपये तक है। एक बैंक से दूसरे बैंक में, UPI से डेली ट्रांसफर की अधिकतम सीमा 25,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक अलग-अलग होती है। कुछ बैंकों ने अपनी ऊपरी सीमा एक दिन के बजाय सप्ताह या महीने के हिसाब से तय की है।

हर रोज कितना कर सकते हैं UPI ट्रांजैक्शन?

NCPI हर रोज UPI ट्रांजैक्शन की अधिकतम संख्या के लिए ऊपरी सीमा तय करता है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, हर रोज 20 UPI ट्रांजैक्शन की अनुमति है। उसके बाद यूजर को ट्रांजैक्शन शुरू करने के लिए 24 घंटे तक इंतजार करना होगा। ये सीमाएं अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग हो सकती हैं। थर्ड पार्टी UPI ऐप्स के लिए केवल 10 ट्रांज़िशन की अनुमति है।

सामान्य ग्राहकों से नहीं लिया जाता है चार्ज

NCPI द्वारा सभी UPI ऐप्स पर 30% वॉल्यूम कैप लगा दी गई है। ऐसा यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि UPI ऐप्स UPI बाजार में भरोसा न बना लें। फोनपे, पेटीएम, सोडेक्सो वाउचर, फ्रीचार्ज और अमेज़ॅन पे जैसे डिजिटल वॉलेट के माध्यम से UPI पेमेंट के लिए 2000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी पेमेंटों के लिए 1.1% तक का इंटरचार्ज शुल्क देना पड़ता है। बैंक पेमेंट सेवा के लिए यह स्पेशल चार्ज लेता है। जिस व्यापारी को पेमेंट प्राप्त हुआ है उसे यह पेमेंट करना होगा। हालांकि, सामान्य ग्राहकों को ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना पड़ता है।

 

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