भारत सरकार डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने की दिशा में बढ़ रही है। इसी क्रम में, वित्त मंत्रालय ने रुपे डेबिट कार्ड और BHIM-UPI के कम मूल्य के ट्रांजेक्शन्स को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है। इसके तहत, बैंकों को दिए जाने वाले इंसेंटिव पर कोई GST नहीं लगेगा।

महत्वपूर्ण पहलुओं का विश्लेषण

इंसेंटिव स्कीम की विशेषताएं

  • इंसेंटिव का उद्देश्य: यह स्कीम रुपे डेबिट कार्ड और BHIM-UPI के कम मूल्य वाले ट्रांजेक्शन्स को बढ़ावा देने के लिए है।
  • इंसेंटिव की राशि: चालू वित्त वर्ष के लिए इस स्कीम के अंतर्गत 2,600 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है।

GST पर विशेष निर्णय

  • GST छूट: इस इंसेंटिव पर कोई गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) नहीं लगेगा।
  • कानूनी पहलू: पेमेंट्स एंड सेटेलमेंट्स सिस्टम्स एक्ट, 2007 के अंतर्गत, रुपे और BHIM के माध्यम से पेमेंट लेने या भुगतान करने पर कोई चार्ज नहीं लिया जा सकता है।

 

इसके प्रभाव और महत्व

  • डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा: इस स्कीम से रुपे और BHIM-UPI जैसे प्लेटफॉर्म्स को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
  • वित्तीय समावेशन: यह पहल वित्तीय समावेशन की दिशा में एक कदम है जिससे अधिक लोग डिजिटल पेमेंट्स की ओर आकर्षित होंगे।

आगे की रणनीति

  • सरकार की दृष्टि: इस पहल से सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को बल मिलेगा।
  • बाजार में प्रभाव: इससे डिजिटल पेमेंट्स के क्षेत्र में नए प्लेयर्स के प्रवेश को बढ़ावा मिलेगा।
Lov Singh

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