बैंक खाते में पैसे नहीं, फिर भी होगा UPI से पेमेंट: RBI ने दी पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा के लिए मंजूरी

आरबीआई ने जारी किया निर्देश

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को एक बड़ा ऐलान किया है। RBI ने बैंकों में पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिये परिचालन की मंजूरी दी है।

यूपीआई: नई सीमाएं, नई सुविधाएं

यूपीआई प्रणाली के जरिए अब न केवल बचत खाते, बल्कि ओवरड्रॉफट खाते, प्रीपेड वॉलेट और क्रेडिट कार्ड को भी जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, बैंकों में पूर्व-स्वीकृत ऋण सुविधा भी इसमें शामिल हो गई है।

भारतीय बाजार के लिए क्या मायने रखता है यह कदम?

केंद्रीय बैंक का मानना है कि इससे लागत में कमी आ सकती है और भारतीय बाजार के लिए अनूठे उत्पादों का विकास में मदद मिल सकती है। यूपीआई लेनदेन का आंकड़ा जुलाई में 9.96 अरब था जो अगस्त में 10 अरब से अधिक हो गया है।

निष्कर्ष

RBI की यह सुविधा ने यूपीआई को और भी शक्तिशाली बना दिया है। अब भारतीय जनता उपरोक्त सुविधाओं का लाभ उठा सकती है, जो डिजिटल इकोनॉमी में एक बड़ा कदम है।

महत्वपूर्ण जानकारी:

पैरामीटर विवरण
घोषणा की तारीख सोमवार, 2023
शामिल सुविधाएं बचत खाता, ओवरड्रॉफट, प्रीपेड वॉलेट, क्रेडिट कार्ड, पूर्व-स्वीकृत ऋण
लागत में कमी संभावित
यूपीआई लेनदेन (जुलाई) 9.96 अरब
यूपीआई लेनदेन (अगस्त) 10 अरब से अधिक