आजकल मोबाइल पेमेंट खुले छोटे पैसों से ज्यादा आम होता जा रहा है. हर मोबाइल पर लोगों का बैंक अकाउंट लिंक हो रहा है और उनके बैंक से पेमेंट करने का दायरा बढ़ रहा है. साथ ही इसके बढ़ रहा है धोखा.

 

मात्र दो जगह प्रयोग होता है UPI PIN

अगर आप ही यूपीआई मोबाइल एप्लीकेशन जैसे PhonePe, Paytm, Google Pay इत्यादि का इस्तेमाल करते हैं तो ध्यान रखें कि आपको यूपीआई का पिन केवल दो ही स्थिति में डालना होता है.

1: यूपीआई एप के अंदर बैंक बैलेंस चेक करने के लिए.

2:  यूपीआई एप से किसी को पैसे भेजने के लिए.

 

रखे सावधानी नहीं तो हो जाएगा फ्रॉड.

अगर आप यूपीआई पिन का इस्तेमाल किसी से पैसे लेने के नाम पर कर रहे हैं तो आप 100% फ्रॉड के जाल में फंस रहे हैं. पैसे रिसीव करने के लिए कभी भी यूपीआई पिन का प्रयोग नहीं होता है इसे हमेशा ध्यान में रखें.

 

हो गया है फ्रॉड तब क्या करें.

ऐसी स्थिति में आप तुरंत बैंक के पास जा सकते हैं और अपने ट्रांजैक्शन को रिवर्स करने के लिए दरख्वास्त सकते हैं. बैंक कानूनों के अनुसार सभी अनऑथराइज्ड ट्रांजैक्शन को रिवर्स करने के लिए 30 दिन का समय होता है.

 

अगर नहीं सुन रहा हो बैंक तब क्या करें.

जब ऐसी स्थिति आए तब भारत में मात्र एक दरवाजा है जिसका नाम बैंकिंग लोकपाल है. आप उस दरवाजे का प्रयोग कर सकते हैं और अपने बैंक के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं.

पूरी जानकारी आपको इस लेख में भी मिल जाएगा: BANK नहीं सुने तो भर दीजिए RBI का यह फॉर्म. Fraud Transaction भी होगा वापस. बैंकिंग लोकपाल का रखिए जानकारी

 

ले सकते हैं इंश्योरेंस.

मार्केट में अब कार्ड प्रोटेक्शन, ऑनलाइन वॉलेट प्रोटेक्शन के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को भी सुरक्षित करने के लिए इंश्योरेंस स्कीम उपलब्ध हो चुके हैं जिसके जरिए आप अपने गलत फ्रॉड ट्रांजैक्शन के लिए इंश्योरेंस क्लेम कर सकते हैं

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।