अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के ए-10 थंडरबोल्ट II विमानों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरानी नौसेना के ठिकानों पर हमले किए हैं। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ के तहत की जा रही है ताकि समुद्री रास्तों में आने वाले खतरों को खत्म किया जा सके। अमेरिकी सेना ने ईरानी हमलावर नावों और तटीय मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भी कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं।

अमेरिका ने क्यों की यह सैन्य कार्रवाई?

अमेरिकी सेना के मुताबिक ईरानी नौसेना अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थी। हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान ने कड़े नियम बना दिए हैं और कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की फीस मांगी जा रही है। अमेरिकी ए-10 जेट्स इन इलाकों में गश्त कर रहे हैं और समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए ईरानी नावों को नष्ट कर रहे हैं। जनरल डैन केन ने पुष्टि की है कि इन अभियानों में अपाचे हेलीकॉप्टर भी शामिल हो गए हैं।

वर्तमान स्थिति और प्रमुख घटनाक्रम क्या हैं?

इस संघर्ष के कारण खाड़ी के समुद्री रास्तों पर भारी असर पड़ने की संभावना है। 25 मार्च 2026 तक की मुख्य घटनाओं का विवरण नीचे दिया गया है:

प्रमुख घटना विवरण
नावों पर हमला अमेरिका ने अब तक 50 से ज्यादा ईरानी सैन्य जहाजों को नष्ट कर दिया है।
मिसाइल हमला ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी बेस पर ड्रोन और मिसाइलें छोड़ी हैं।
इजरायली हमला इजरायली सेना ने तेहरान में ईरान की एक मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्री को निशाना बनाया है।
समुद्री पाबंदी ईरान ने हॉर्मुज से गुजरने के लिए अपनी अनुमति अनिवार्य कर दी है और एक पाकिस्तानी जहाज को वापस लौटा दिया है।
बारूदी सुरंगें रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में करीब एक दर्जन समुद्री सुरंगें बिछाई हैं।

अमेरिकी सेना ने आम नागरिकों को उन बंदरगाहों से दूर रहने की चेतावनी दी है जिनका उपयोग ईरानी नौसेना सैन्य उद्देश्यों के लिए कर रही है। इन बंदरगाहों को अब सैन्य लक्ष्य माना जा रहा है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.