अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने चीन पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि चीन दुनिया के सबसे बड़े आतंकवाद समर्थक देश ईरान की मदद कर रहा है. अमेरिका अब चाहता है कि चीन अपनी डिप्लोमेसी का इस्तेमाल करे ताकि Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए दोबारा खोला जा सके.
चीन पर आतंकवाद को फंड करने का आरोप क्यों लगा
Scott Bessent ने Fox News को दिए एक लाइव इंटरव्यू में बताया कि चीन, ईरान की ऊर्जा का 90 प्रतिशत हिस्सा खरीद रहा है. इसी वजह से अमेरिका का मानना है कि चीन असल में ईरान को पैसा पहुंचा रहा है. अमेरिका ने बीजिंग से मांग की है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन में साथ दे ताकि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को सुरक्षित बनाया जा सके.
Strait of Hormuz को लेकर क्या है पूरा विवाद
अमेरिका का कहना है कि चीन और रूस संयुक्त राष्ट्र (UN) में उन कोशिशों को रोक रहे हैं जो कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं. वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए Bessent ने कहा कि अमेरिका ने वहां अपनी नेवी के जरिए जहाजों को गाइड करना शुरू किया है और ईरानी शिपिंग पर नाकाबंदी कर रखी है. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की अर्थव्यवस्था अब पूरी तरह से गिर रही है.
ट्रम्प और शी जिनपिंग की मुलाकात में क्या होगा
आने वाली 14 और 15 मई 2026 को बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच एक शिखर सम्मेलन होने वाला है. इस मीटिंग में ईरान और Strait of Hormuz के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी. अमेरिका इस मुलाकात के जरिए चीन पर दबाव बनाना चाहता है ताकि वह ईरान को रास्ता खोलने के लिए मना सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने चीन पर क्या आरोप लगाया है
अमेरिका का आरोप है कि चीन ईरान की 90 प्रतिशत ऊर्जा खरीदकर उसे फंड कर रहा है, जिससे वह आतंकवाद को बढ़ावा देने में सक्षम हो रहा है.
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका का क्या कहना है
अमेरिका का कहना है कि उसके पास इस जलमार्ग पर पूरा कंट्रोल है और उसने अपनी नेवी तैनात की है, साथ ही वह चाहता है कि चीन इसे खोलने में मदद करे.