अमेरिका ने ईरान के गोलिस्तान प्रांत में एक रेलवे ब्रिज पर हवाई हमला किया है। यह हमला बुधवार, 8 जुलाई 2026 को हुआ। इस हमले में ईरान का अक़ टेके खान ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। यह अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ लगातार दूसरे दिन की सैन्य कार्रवाई थी।

🚨: US Strike Iran: अमेरिका ने ईरान पर किए बड़े हमले, ट्रंप ने दी चेतावनी, अब हालात और बिगड़ेंगे

ईरान की नेयनावा कोर, जो कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का हिस्सा है, ने बताया कि यह हमला अमेरिकी क्रूज मिसाइल से हुआ। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है।

हमले की वजह और ट्रंप का बयान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि की है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई इसलिए की गई ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखा जा सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए अंतरिम युद्धविराम समझौते को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि यह हमला ईरान द्वारा जहाजों पर किए गए पिछले हमलों का बदला है और चेतावनी दी कि अगर हमला जारी रहा तो हालात और खराब होंगे।

एक अमेरिकी अधिकारी ने Axios को बताया कि अमेरिकी वायु सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए दो रेलवे पुलों पर बमबारी की है।

अंतरराष्ट्रीय असर और अन्य पाबंदियां

  • NATO का समर्थन: नाटो के महासचिव मार्क रूट ने अमेरिका के इस कदम का समर्थन किया और इसे जरूरी बताया क्योंकि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया था।
  • तेल बिक्री पर रोक: अमेरिका ने ईरान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचने की अनुमति देने वाला लाइसेंस वापस ले लिया है, जो पहले एक समझौते के तहत दिया गया था।
  • स्थानीय हालात: अमेरिकी घोषणा के बाद ईरान के कई तटीय शहरों में धमाकों की खबरें आईं।

सेंट्रल कमांड ने साफ किया कि ईरान को व्यावसायिक जहाजों और चालक दल के खिलाफ की गई उसकी नाजायज हरकतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.