अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बड़ी जंग का रूप ले चुका है. अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों पर मिसाइल हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया है. इस लड़ाई का असर अब कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुँच गया है.

मंगलवार, 7 जुलाई को अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में Qeshm Island और Bandar Abbas के पास मौजूद एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन लॉन्च साइट और रडार को निशाना बनाया गया. Sirik शहर के बंदरगाह पर भी धमाके हुए, जहाँ मलबे की वजह से कई लोग घायल हो गए.

US Central Command (CENTCOM) ने इन ऑपरेशन्स को आत्मरक्षा का कदम बताया. अमेरिका का कहना है कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमला किया था और Bandar Abbas के पास समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की थी. अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अमेरिका ईरान की मुख्य सुविधाओं पर हमला करेगा. इस कार्रवाई में कुल 49 Tomahawk मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया.

ईरान ने अमेरिका पर 8 अप्रैल 2026 के युद्धविराम समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया है. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, संचार एंटीना और रडार सुविधाओं को निशाना बनाया. इसके साथ ही जॉर्डन में स्थित एक कमांड सेंटर पर भी हमला किया गया है.

इस युद्ध की वजह से इलाके में भारी मानवीय संकट पैदा हो गया है. ईरान, लेबनान, इसराइल और खाड़ी देशों में हज़ारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है. इससे पहले 28 फरवरी को एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले में 170 से ज़्यादा नागरिक मारे गए थे.

Sushma Kumari

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