अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य पकड़ और मजबूत कर ली है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उनका बड़ा युद्धपोत ‘जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश’ अब अरब सागर में दाखिल हो गया है। इस कदम का सीधा मकसद ईरान पर लगाई गई समुद्री नाकाबंदी को और ज्यादा सख्त बनाना है ताकि ईरान की हरकतें रोकी जा सकें।
अमेरिका के युद्धपोत और ईरान की नाकाबंदी का क्या है पूरा मामला
अमेरिकी सेना ने ईरान के समुद्री रास्तों को रोकने के लिए बड़ी तैयारी की है। इस ऑपरेशन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- युद्धपोत की ताकत: USS George H.W. Bush युद्धपोत अपने साथ 60 से ज्यादा लड़ाकू विमान लेकर आया है, जिससे क्षेत्र में अमेरिका की ताकत बढ़ गई है।
- नाकाबंदी की शुरुआत: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लागू की थी। यह फैसला तब लिया गया जब इस्लामाबाद में हुई बातचीत से युद्ध को रोकने का कोई रास्ता नहीं निकला।
- असर: यह नाकाबंदी उन सभी जहाजों पर लागू है जो ईरान के बंदरगाहों से आ रहे हैं या वहां जा रहे हैं।
समुद्र में क्या हुआ और अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा
पिछले कुछ दिनों में समुद्र में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस स्थिति पर अपनी राय रखी है:
- सैन्य कार्रवाई: 4 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान की 7 छोटी नावों को डुबो दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले किए थे।
- अधिकारियों के बयान: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा कंट्रोल है, जिसकी वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से गिर रही है। वहीं, एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ईरान द्वारा दागे गए ड्रोन और मिसाइलों को नाकाम कर दिया गया।
- राष्ट्रपति का बयान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी नाकाबंदी को इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य पैंतरा बताया है।
क्षेत्र में मौजूद अन्य अमेरिकी युद्धपोत
अरब सागर और आसपास के इलाकों में अमेरिका ने अपनी मौजूदगी काफी बढ़ा दी है। USS Abraham Lincoln भी इस समय अरब सागर में तैनात है। वहीं, USS Gerald R. Ford जो कि लाल सागर में था, अब अपना मिशन पूरा करके वापस घर लौट रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान पर समुद्री नाकाबंदी कब से लागू हुई है
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान पर समुद्री नाकाबंदी लागू की थी, जो इस्लामाबाद में शांति वार्ता विफल होने के बाद की गई थी।
युद्धपोत जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश के साथ कितने विमान हैं
USS George H.W. Bush युद्धपोत अपने साथ 60 से ज्यादा लड़ाकू विमान लेकर अरब सागर में पहुंचा है।