अमेरिका का दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक जहाज USS Gerald R. Ford अब मिडिल ईस्ट छोड़कर वापस अपने देश जा रहा है। पेंटागन और अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है। यह जहाज पिछले 10 महीनों से इस इलाके में तैनात था, लेकिन अब इसे मई के बीच तक वर्जीनिया पहुँचने की उम्मीद है।
USS Gerald R. Ford के वापस जाने की क्या वजह है?
रक्षा सचिव Pete Hegseth ने एक सुनवाई के दौरान बताया कि जहाज को वापस भेजने का फैसला उसकी मरम्मत और तैयारी को देखते हुए लिया गया। इस जहाज को काफी समय से ठीक करने की जरूरत थी। बताया गया है कि जहाज के लॉन्ड्री रूम में आग लगने की घटना हुई थी और टॉयलेट्स में भी बार-बार दिक्कतें आ रही थीं। इन वजहों से इसे मेंटेनेंस के लिए वापस भेजना जरूरी हो गया था।
क्या इससे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा पर असर पड़ेगा?
इस बड़े जहाज के जाने से इलाके में अमेरिका की सैन्य ताकत कम होगी। यह समय इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि ईरान के साथ एक नाजुक ceasefire चल रहा है और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता भी रुकी हुई है। हालांकि, अमेरिका ने यहाँ अपनी पूरी पकड़ नहीं छोड़ी है।
- USS George H.W. Bush और USS Abraham Lincoln अभी भी इस क्षेत्र में तैनात रहेंगे।
- ये दोनों जहाज अरब सागर में रहकर ईरानी बंदरगाहों से तेल और सामान ले जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी कर रहे हैं।
- 2003 के बाद पहली बार अमेरिका ने यहाँ तीन विमानवाहक जहाज तैनात किए थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर दो रह जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
USS Gerald R. Ford कब तक अपने बेस पर वापस पहुँचेगा?
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज आने वाले कुछ दिनों में मिडिल ईस्ट से रवाना होगा और मई के मध्य तक वर्जीनिया पहुँच जाएगा।
क्या अमेरिका ने मिडिल ईस्ट से अपने सभी युद्धपोत हटा लिए हैं?
नहीं, अमेरिका के दो अन्य विमानवाहक जहाज USS George H.W. Bush और USS Abraham Lincoln अभी भी अरब सागर में तैनात हैं और अपनी निगरानी जारी रखे हुए हैं।