Middle East Tension: अमेरिका ने तैनात किए 3 एयरक्राफ्ट कैरियर, ट्रंप का दावा- ईरान पर पूरी पकड़
मिडिल ईस्ट में इस समय तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका ने वहां अपने तीन सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिए हैं। इन जहाजों पर 15 हजार से ज्यादा नौसैनिक और मरीन जवान मौजूद हैं। यह बड़ी सैन्य ताकत ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कौन से जहाज कहां तैनात हैं और कब पहुंचे
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 तक USS George H.W. Bush हिंद महासागर के क्षेत्र में पहुंच गया है। इससे पहले 16 अप्रैल को USS Gerald R. Ford स्वेज नहर से होते हुए लाल सागर में दाखिल हुआ था। वहीं USS Abraham Lincoln अरब सागर में अपनी ड्यूटी दे रहा है। इन तीनों जहाजों की मौजूदगी से इलाके में अमेरिकी सैन्य ताकत काफी बढ़ गई है।
ट्रंप का बड़ा बयान और ईरान की नाकाबंदी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान पर अमेरिका का पूर्ण सैन्य प्रभुत्व है। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को बहुत मजबूत बताया और कहा कि इसे पार करना नामुमकिन है। 13 अप्रैल 2026 को इस नाकाबंदी का ऐलान किया गया था। CENTCOM ने साफ किया है कि बिना अनुमति के इस इलाके में आने या जाने वाले किसी भी जहाज को रोका या जब्त किया जा सकता है।
ईरान की चेतावनी और अन्य देशों पर असर
- ईरान का रुख: ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर यह नाकाबंदी जारी रही तो वह खाड़ी में आयात और निर्यात रोक देगा। ईरान ने किसी भी हमले को अपने खिलाफ पूर्ण युद्ध माना है।
- ताजा हालात: 24 अप्रैल को तेहरान में धमाकों की खबरें आईं और वहां हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया। अमेरिकी बलों ने हिंद महासागर में ईरान से तेल ले जा रहे एक प्रतिबंधित जहाज M/T Majestic X को रोका।
- अन्य देश: इस तनाव के बीच पाकिस्तान ने युद्धविराम कराने की कोशिश की है। वहीं UAE अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से वित्तीय मदद की बातचीत कर रहा है।