10 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के हवाई रक्षा और राडार ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए। यह हमले होर्मुज जलडमरूमध्य के पास किए गए हैं। इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कुछ अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने का एलान किया है।
अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर क्यों की बड़ी सैन्य कार्रवाई?
इस पूरे मामले की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी जब ओमान के तट के पास एक ईरानी ड्रोन ने अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस हरकत का जवाब देना बहुत जरूरी था और उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। इसके बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रात में ईरान के मुख्य ठिकानों पर बमबारी करने की योजना की पुष्टि की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं।
ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों के लिए बढ़ता खतरा
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इसकी कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी तरह के तेल टैंकरों और व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में फिर से एक बड़ा युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 8 जून 2026 को ओमान के तट के पास ईरान के एक ड्रोन ने अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में क्या कदम उठाए हैं?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए बंद करने का एलान किया है और कुवैत, बहरीन तथा जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले करने का दावा किया है।
