अमेरिका के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि दुनिया के कई देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए साथ आने को तैयार हैं। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों और व्यापार को सुरक्षित रखा जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात को लेकर चर्चा चल रही है कि ग्लोबल ट्रेड रूट की स्थिरता कैसे बनी रहे।
अमेरिकी जहाजों की तैनाती और ईरान का दावा
अगस्त 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस इलाके में अपनी नौसेना की मौजूदगी बढ़ा दी थी। 17 अगस्त 2023 को USS Bataan और USS Thomas Hudner नाम के अमेरिकी युद्धपोत इस रास्ते पर तैनात थे। इन जहाजों के साथ 3,000 से ज्यादा अमेरिकी नाविक और मरीन सैनिक मौजूद थे, जिनका मुख्य मकसद व्यापारिक जहाजों पर होने वाले हमलों को रोकना था।
दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने 20 अगस्त 2023 को एक वीडियो जारी किया था। ईरान का दावा था कि उन्होंने 17 अगस्त को USS Bataan और USS Thomas Hudner की निगरानी की और उन्हें इंटरसेप्ट किया। ईरान का कहना है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा ईरान और खाड़ी देशों के पड़ोसी देश खुद कर सकते हैं और इसके लिए किसी बाहरी देश की जरूरत नहीं है।
व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा की पेशकश
अमेरिकी नौसेना ने क्षेत्र के सहयोगी देशों को भरोसा दिलाया है कि वे उनके साथ हैं। साथ ही, वॉशिंगटन ने उन व्यापारिक जहाजों को सशस्त्र सुरक्षा (Armed Protection) देने की पेशकश भी की है जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे हैं। अमेरिका का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समुद्री रास्तों पर किसी भी तरह की रुकावट न आए और व्यापार सुचारू रूप से चलता रहे।
