पश्चिम एशिया में तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिका ने जर्मनी के बेस से दर्जनों कार्गो प्लेन इसराइल के तेल अवीव भेजे हैं, जिनमें भारी मात्रा में गोला-बारूद है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है, जिससे अब दुनिया भर में हलचल मच गई है।

अमेरिका ने इसराइल को हथियारों की सप्लाई क्यों की?

अमेरिका और इसराइल के बीच सैन्य सहयोग पुराना है। अमेरिका हर साल इसराइल को 3.8 अरब डॉलर की सैन्य मदद देता है। ताजा अपडेट के अनुसार, 18 मई 2026 को बड़ी संख्या में हथियार ले जा रहे विमान तेल अवीव पहुंचे। इसराइल के रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बरम ने साफ किया कि आने वाले हफ्तों में हथियारों की खरीद और बढ़ेगी।

  • मदद का नियम: 2019 से 2028 तक के समझौते के तहत अमेरिका हर साल भारी फंड देता है।
  • नेतन्याहू का बयान: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट को बताया कि इसराइल ईरान से जुड़ी किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।
  • स्वतंत्रता की इच्छा: नेतन्याहू ने राष्ट्रपति ट्रम्प से चर्चा की है कि वह अगले 10 सालों में अमेरिकी वित्तीय मदद पर निर्भरता कम करना चाहते हैं।

ईरान और UAE में क्या हालात हैं?

इस सैन्य हलचल के बीच ईरान और UAE में भी तनाव देखा गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 17 मई को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह बातचीत में तेज़ी लाए वरना अंजाम बुरा होगा। इसी बीच UAE के बराका न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास ड्रोन हमला हुआ, जिसे UAE सरकार ने एक आतंकी हमला बताया है। भारत ने भी इस हमले को खतरनाक बताते हुए इसकी निंदा की है।

ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरान के अधिकारी मोहसिन रज़ाई ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी खत्म करे, वरना ईरान की सेना लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है। इस समय इसराइल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच भी लड़ाई जारी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और इसराइल के बीच सैन्य मदद का क्या समझौता है?

अमेरिका 2019-2028 के समझौते के तहत इसराइल को हर साल 3.8 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देता है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी हथियार खरीदने के लिए किया जाता है।

UAE में हाल ही में क्या घटना हुई?

17 मई 2026 को UAE के बराका न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास एक ड्रोन हमला हुआ, जिसे UAE अधिकारियों ने बिना उकसावे वाला आतंकी हमला करार दिया है।