US का ईरान पर सबसे बड़ा आर्थिक हमला, कहा- या तो साथ रहो या खिलाफ, ईरान की चेतावनी से गल्फ देशों में बढ़ी टेंशन.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने ईरान के खिलाफ एक नए और बहुत बड़े आर्थिक अभियान की घोषणा की है। इस कदम को अमेरिका ने 'economic D-Day' यानी आर्थिक डी-डे कहा है, जिसका मुख्य मकसद ईरान की सरकार को पूरी तरह से गिराना है। अमेरिका ने दुनिया भर के देशों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को साफ चेतावनी दी है कि उन्हें यह चुनना होगा कि वे अमेरिका के साथ हैं या फिर ईरान के साथ हैं। इस फैसले से गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और वहां से जुड़े कारोबारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
अमेरिका की कड़ी चेतावनी और प्रतिबंध
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने साफ किया है कि कोई भी विदेशी संस्था, चाहे वह बैंक हो, कोई बड़ी कंपनी हो या फिर कोई सरकार, अगर वह ईरान से तेल खरीदने में मदद करती है, पैसे का लेनदेन करती है या फिर समुद्री रास्ते से जुड़े कामों में साथ देती है, तो उसे अमेरिका के कड़े नियमों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी यह बात दोहराई है कि जो भी देश ईरान की मदद करेगा, उसे बहुत गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका का यह प्लान ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से बंद करने के लिए बनाया गया है, ताकि वे किसी भी तरह का व्यापार न कर सकें।
ईरान का पलटवार और गल्फ देशों के लिए खतरा
दूसरी तरफ, ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका की इन सभी धमकियों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि वॉशिंगटन को तेहरान के साथ इज्जत से पेश आना चाहिए क्योंकि पहले भी ऐसे कई रास्ते अपनाए गए थे जो नाकाम रहे थे। इसके अलावा, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख Mohsen Rezai ने अपनी भाषा को और ज्यादा सख्त करते हुए कहा कि जो देश अमेरिका के इन प्रतिबंधों का साथ देंगे, उन्हें ईरान का दुश्मन माना जाएगा। रेजाई ने यह भी धमकी दी कि अगर यह आर्थिक युद्ध जारी रहा, तो ईरान गल्फ क्षेत्र से होने वाले सभी तेल के निर्यात को रोक देगा और अमेरिका की इस घेराबंदी का साथ देने वालों को युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। साथ ही, ईरान की संसद का नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने के लिए एक नया ड्राफ्ट कानून भी तैयार कर रहा है।
विशेषज्ञों की राय और आगे की स्थिति
इस पूरे मामले पर दुनिया भर के एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है। हालांकि अमेरिका की तरफ से ईरान की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय हमला बोला गया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इन प्रतिबंधों का असर तुरंत दिखने के बजाय लंबे समय के बाद सामने आएगा। जैसे-जैसे कूटनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है, पाकिस्तान के आर्मी चीफ आज तेहरान का दौरा करने वाले हैं, जहां वे इस चल रही क्षेत्रीय स्थिति पर बातचीत करेंगे। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी NewsOnAir पर दी गई है। गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए इस तरह के तनाव कई बार तेल की कीमतों और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, जिसपर सभी की नजर बनी हुई है।