अमेरिका ने Strait of Hormuz में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। US CENTCOM ने सोमवार को ईरानी नावों को खत्म करने के लिए Apache और Sea Hawk हेलीकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया। यह पूरी कार्रवाई Project Freedom के तहत की गई है, ताकि समुद्र के इस रास्ते को फिर से खोला जा सके और जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके।

US ने कैसे किया ईरान की नावों का सफाया?

4 मई 2026 को अमेरिका के Apache (AH-64) और Sea Hawk (MH-60) हेलीकॉप्टर्स ने Strait of Hormuz में ईरानी छोटी नावों पर हमला किया। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस ऑपरेशन में ईरान की 6 तेज रफ्तार नावों को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह एक रक्षात्मक ऑपरेशन था क्योंकि ये नावें व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बन रही थीं। इस मिशन में जमीन और समुद्र से 100 से ज्यादा विमान और दो एयरक्राफ्ट करियर शामिल हैं।

Project Freedom का असर और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

इस सैन्य अभियान को अमेरिका ने व्यापारिक जहाजों की मदद के लिए शुरू किया है, लेकिन ईरान ने इसे Project Deadlock करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा कि राजनीतिक संकट का समाधान सैन्य बल से नहीं हो सकता। दूसरी तरफ, इस तनाव के बीच UAE के एक तेल टर्मिनल पर ईरानी ड्रोन हमला हुआ जिसमें 3 लोग घायल हो गए। इसके अलावा एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज को भी नुकसान पहुँचा है। सऊदी अरब, UAE, ब्रिटेन और मिस्र ने ईरान के इन हमलों की निंदा की है और मामले को शांत करने की अपील की है।

ऑपरेशन में इस्तेमाल हुई सैन्य ताकत और संसाधन

इस बड़े मिशन में अमेरिका ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। ऑपरेशन की मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • विमान: F-16, F/A-18 Super Hornets, A-10, F-15, F-35 जैसे 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान।
  • जहाज: USS Truxtun, USS Mason और USS Pinckney जैसे गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स और USS Abraham Lincoln जैसे एयरक्राफ्ट करियर।
  • जवान: लगभग 15,000 अमेरिकी सैनिक इस ऑपरेशन में तैनात हैं।
  • कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है और अब तक 50 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदला गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom क्या है और इसका मकसद क्या है?

Project Freedom अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है। इसका मुख्य मकसद Strait of Hormuz में नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करना और व्यापारिक जहाजों को ईरानी खतरों से बचाकर सुरक्षित रास्ता देना है।

ईरान ने अमेरिका के इस हमले पर क्या दावा किया?

ईरान के सरकारी मीडिया और सेना प्रमुख ने दावा किया कि उनकी नावें नष्ट नहीं हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सेना ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर्स की तरफ चेतावनी के तौर पर क्रूज मिसाइल दागी थीं।