भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों में एक और बड़ी बढ़त हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत को Apache अटैक हेलिकॉप्टर और M777 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर के लिए जरूरी सपोर्ट और उपकरणों की बिक्री को मंजूरी दे दी है। यह पूरा सौदा 428 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा का है।
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इस डील में भारत को क्या-क्या मिलेगा?
अमेरिकी विदेश विभाग ने 18 मई 2026 को इस सौदे की जानकारी दी। यह बिक्री Foreign Military Sales (FMS) प्रोग्राम के तहत की जाएगी। इस सौदे में मुख्य रूप से दो बड़े हथियारों के रखरखाव और सपोर्ट पर ध्यान दिया गया है।
- Apache हेलिकॉप्टर: इसके लिए 198.2 मिलियन डॉलर की सपोर्ट डील हुई है। इसमें इंजीनियरिंग, टेक्निकल डेटा, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और कर्मचारियों की ट्रेनिंग शामिल है। इसके लिए Boeing Company और Lockheed Martin मुख्य कंपनियां होंगी।
- M777A2 Howitzers: इसके लंबे समय के रखरखाव के लिए 230 मिलियन डॉलर का सौदा हुआ है। इसमें स्पेयर पार्ट्स, रिपेयर सर्विस, ट्रेनिंग और टेक्निकल मदद शामिल है। इसकी जिम्मेदारी ब्रिटेन की BAE Systems कंपनी संभालेगी।
सौदा कितना बड़ा है और इसका मकसद क्या है?
इस पूरे समझौते की वित्तीय जानकारी नीचे दी गई टेबल में समझ सकते हैं:
| उपकरण | अनुमानित लागत | मुख्य कंपनी |
|---|---|---|
| Apache हेलिकॉप्टर सपोर्ट | 198.2 मिलियन डॉलर | Boeing, Lockheed Martin |
| M777A2 Howitzer सपोर्ट | 230 मिलियन डॉलर | BAE Systems (UK) |
| कुल अनुमानित सौदा | 428 मिलियन डॉलर से अधिक | – |
अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, इस कदम से भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। अमेरिका का मानना है कि भारत इन उपकरणों और सेवाओं को अपनी सेना में बिना किसी परेशानी के शामिल कर लेगा। साथ ही, यह भी कहा गया कि इस सौदे से इलाके के सैन्य संतुलन में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Apache हेलिकॉप्टर के सपोर्ट के लिए कौन सी कंपनियां जिम्मेदार होंगी?
Apache हेलिकॉप्टर की सपोर्ट सर्विसेज के लिए मुख्य कॉन्ट्रैक्टर्स Boeing Company और Lockheed Martin होंगे।
M777 Howitzer के रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी होगी?
M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर के लंबे समय के रखरखाव और सपोर्ट का काम ब्रिटेन की BAE Systems कंपनी करेगी।
