अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के अपने सहयोगियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और जॉर्डन को 16.5 बिलियन डॉलर से अधिक के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 19 मार्च 2026 को इस रक्षा सौदे की आधिकारिक सूचना जारी की। इस कदम का मुख्य उद्देश्य खाड़ी देशों की सुरक्षा क्षमता को बढ़ाना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है।

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किस देश को क्या मिलेगा?

इस बड़े रक्षा सौदे के तहत तीनों देशों के लिए अलग-अलग पैकेज तैयार किए गए हैं। इसमें सबसे आधुनिक रडार सिस्टम और मिसाइल डिफेंस तकनीक शामिल है।

  • UAE: संयुक्त अरब अमीरात को 8.4 बिलियन डॉलर से अधिक के हथियार मिलेंगे। इसमें ड्रोन रोकने वाले सिस्टम, THAAD रडार और F-16 विमानों के लिए नए उपकरण शामिल हैं।
  • Kuwait: कुवैत लगभग 8 बिलियन डॉलर की लागत से आधुनिक रडार सिस्टम खरीदेगा। यह पुराने पैट्रियट रडार की जगह लेंगे ताकि हवाई खतरों की पहचान बेहतर हो सके।
  • Jordan: जॉर्डन को अपने लड़ाकू विमानों के रखरखाव और गोला-बारूद के लिए 70.5 मिलियन डॉलर की मदद दी जाएगी।

इस फैसले के पीछे की मुख्य वजह

क्षेत्र में हाल के दिनों में ऊर्जा बुनियादी ढांचे और तेल के जहाजों पर हुए हमलों के बाद यह फैसला लिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस डील को तुरंत मंजूरी दी है ताकि बिना किसी देरी के हथियार भेजे जा सकें। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ईरान की गतिविधियों ने खाड़ी देशों को सुरक्षा के मामले में अमेरिका के और करीब ला दिया है। इस सौदे में Lockheed Martin और RTX Corporation जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियां मुख्य सप्लायर के तौर पर काम करेंगी। फिलहाल अमेरिका का कहना है कि वे हवाई और समुद्री सुरक्षा के मामले में पूरी तरह तैयार हैं।

Sushma Kumari

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