अमेरिका ने खाड़ी देशों और इसराइल के लिए हथियारों की बिक्री को बहुत तेज़ कर दिया है। Trump प्रशासन ने करीब 8 अरब डॉलर से ज़्यादा की इस बड़ी डील को मंज़ूरी दी है। इस काम के लिए अमेरिकी सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल किया ताकि Congress की समीक्षा की ज़रूरत न पड़े।
किन देशों को क्या हथियार और कितनी रकम मिली?
अमेरिकी विदेश विभाग ने अलग-अलग देशों के लिए हथियारों की लिस्ट जारी की है। इसमें एडवांस रॉकेट लॉन्चर और मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। इन हथियारों के साथ ट्रेनिंग उपकरण और स्पेयर पार्ट्स भी दिए जाएंगे।
| देश | हथियार का नाम | कुल कीमत |
|---|---|---|
| UAE | APKWS (एडवांस प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम) | 147.6 मिलियन डॉलर |
| Israel | APKWS (एडवांस प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम) | 992.4 मिलियन डॉलर |
| Qatar | APKWS (एडवांस प्रिसिजन किल वेपन सिस्टम) | 992.4 मिलियन डॉलर |
| Qatar | Patriot मिसाइल क्षमता | 4.01 बिलियन डॉलर |
| Kuwait | Integrated Battle Command System | 2.5 बिलियन डॉलर |
| कुल योग | सभी सौदे | 8 अरब डॉलर से ज़्यादा |
इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल क्यों किया गया?
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी के लिए ज़रूरी था। उन्होंने बताया कि रणनीतिक साझेदारों की सुरक्षा बढ़ाना अमेरिका की विदेश नीति का हिस्सा है। यह पूरा मामला ईरान के साथ चल रहे युद्ध के तीसरे महीने के दौरान सामने आया है। राष्ट्रपति Trump ने वार पॉवर्स रेजोल्यूशन की 60 दिनों की सीमा को असंवैधानिक बताया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने कांग्रेस की मंजूरी क्यों नहीं ली?
अमेरिकी सरकार ने Arms Export Control Act के तहत इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल किया। विदेश मंत्री Marco Rubio ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इन हथियारों की बिक्री तुरंत करना ज़रूरी था।
सबसे बड़ी डील किस देश को मिली है?
सबसे बड़ी डील कतर को मिली है, जिसे 4.01 बिलियन डॉलर के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम दिए जाएंगे। इसके बाद कुवैत को 2.5 बिलियन डॉलर का बैटल कमांड सिस्टम मिलेगा।