अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी वायु सेना ने A-10 थंडरबोल्ट II विमानों को अब 2030 तक सेवा में रखने का निर्णय लिया है। ये विमान मुख्य रूप से ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान से जुड़े खतरों और उनके सुरक्षा तंत्र को खत्म करने के लिए तैनात किए गए हैं।
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A-10 विमानों की सेवा क्यों बढ़ाई गई और इसके पीछे क्या कारण हैं?
वायु सेना के सचिव Troy Meink ने 20 अप्रैल 2026 को इस फैसले की घोषणा की। पहले इन विमानों को 2029 के अंत तक रिटायर किया जाना था, लेकिन हालिया ऑपरेशन्स में इनकी अहम भूमिका को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया। इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
- संसदीय दबाव: अमेरिकी कांग्रेस ने दबाव डाला था कि कम से कम 103 A-10 विमान सितंबर 2026 तक चालू हालत में रहें।
- जमीनी टारगेट पर सटीक हमला: ये विमान धीमी गति में उड़ने और सटीक निशाना लगाने में माहिर हैं, जिससे ये जमीनी खतरों और ड्रोन से निपटने में कारगर साबित होते हैं।
- लंबा समय तक तैनाती: CENTCOM द्वारा जारी तस्वीरों से पता चला कि ये विमान हवा में ही ईंधन भरकर लंबे समय तक मिशन पर रह सकते हैं।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में A-10 विमानों का क्या रोल रहा है?
CENTCOM ने कन्फर्म किया है कि 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में A-10 विमान सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मिशन पूरे किए गए:
- ईरानी जहाजों पर हमला: इन विमानों ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया।
- खतरनाक रेस्क्यू मिशन: 3 अप्रैल 2026 को एक डाउन हुए F-15E स्ट्राइक ईगल के क्रू को बचाने के लिए A-10 विमान ईरान के अंदर तक गए और दुश्मन से सीधी भिड़ंत की।
- ड्रोन का मुकाबला: ये विमान Shahed 136 जैसे छोटे ड्रोन्स को गिराने के लिए Sidewinders और रॉकेट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- अन्य ऑपरेशन: सीरिया में इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों के खिलाफ ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ में भी इनका इस्तेमाल हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
A-10 लड़ाकू विमान अब कब तक सेवा में रहेंगे?
अमेरिकी वायु सेना ने इन विमानों की सेवा अवधि को बढ़ाकर 2030 तक कर दिया है, ताकि मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियानों को मजबूती मिल सके।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह ऑपरेशन 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसका मकसद ईरानी शासन के सुरक्षा तंत्र को नष्ट करना और ईरान से जुड़े खतरों को खत्म करना है।