मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अमेरिकी सेना ने अब साफ कर दिया है कि उनके जवान पूरे इलाके में तैनात और तैयार हैं। यह खबर @SaudiNews50 के ट्वीट के बाद सामने आई है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे 2026 ईरान युद्ध ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की क्या स्थिति है?
जनवरी 2026 से अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाई है, जो 2003 के इराक युद्ध के बाद सबसे बड़ी तैनाती है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिससे यह युद्ध शुरू हुआ। इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। हाल ही में 19 अप्रैल 2026 को अमेरिकी मरीन ने अरब सागर में ईरान के एक जहाज M/V Touska को जब्त किया था।
ट्रंप ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
राष्ट्रपति Donald Trump ने 27 अप्रैल 2026 को कहा कि ईरान बातचीत कर सकता है, लेकिन उसे परमाणु हथियार न रखने की शर्त माननी होगी। ट्रंप ने कहा कि इस समय सारी ताकत अमेरिका के पास है और ईरान चाहे तो बातचीत के लिए कॉल कर सकता है। वहीं, विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने मिसाइल प्रोग्राम और उग्रवादी समूहों की मदद बंद करनी होगी।
आम लोगों और प्रवासियों पर इसका क्या असर है?
युद्ध की स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने जनवरी और फरवरी 2026 में अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। साथ ही, लेबनान और इसराइल से भी गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया था। लेबनान में हिजबुला ने अमेरिका द्वारा कराई जा रही बातचीत को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इधर, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी मौजूदगी खत्म करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन परमाणु मुद्दे पर बात न करने के कारण इसे स्वीकार करना मुश्किल लग रहा है।