Gulf of Oman में अमेरिकी हमले के दौरान तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इस दुखद घटना के बाद अब भारत में राजनीतिक बहस छिड़ गई है और कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी पर सवाल खड़े किए हैं।

अमेरिकी हमला और नाविकों की मौत

जानकारी के मुताबिक, 10-11 जून 2026 के आसपास अमेरिकी सेना ने MT Settebello नाम के एक तेल टैंकर पर हमला किया था। इस हमले में तीन भारतीय नाविक—डेक कैडेट Aditya Sharma, इंजन फिटर Shivanand Chaurasiya और इंजीनियर Patnala Suresh की मौत हो गई। जहाज पर मौजूद अन्य 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) ने इस हमले का कारण यह बताया कि जहाज कथित तौर पर ईरान का तेल ले जा रहा था और उसने अमेरिकी सेना के निर्देशों को नहीं माना, जिससे उसने अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन किया।

भारत सरकार ने जताया कड़ा विरोध

भारत के शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने इन मौतों को दुखद बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बचाए गए नाविकों की तुरंत वापसी सुनिश्चित की जाए और मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाया जाए।

  • भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
  • भारत सरकार ने विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिकी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया।
  • विदेश मंत्री S. Jaishankar ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से बातचीत में कड़ा विरोध जताया और कहा कि व्यापारिक जहाजों पर ऐसे घातक हमले जायज नहीं हैं।

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारत को स्पष्ट किया कि 호र्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नाकाबंदी का उल्लंघन या ईरान के तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पीएम मोदी और जयराम रमेश का विवाद

कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘Self-styled Vishwaguru’ कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि फ्रांस के Evian में G7 समिट के दौरान जब पीएम मोदी और राष्ट्रपति Donald Trump ने मुलाकात की और सार्वजनिक बयान दिया, तब प्रधानमंत्री ने इन तीन भारतीय नाविकों की हत्या का कोई जिक्र नहीं किया। रमेश ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री की धमकी भरी और अस्वीकार्य भाषा के खिलाफ भारत का सबसे मजबूत विरोध दर्ज कराएंगे।