समुद्र में अमेरिका की एक बड़ी कार्रवाई ने तहलका मचा दिया है. अमेरिकी सेना ने उन जहाजों पर हमला किया जिनमें भारतीय नाविक सवार थे. इस हमले में 3 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है, जिसके बाद ईरान और भारत दोनों ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
हमले का विवरण और जानमाल का नुकसान
यह हमले इस हफ्ते अलग-अलग दिनों पर हुए. 8 जून 2026 को MT Marivex, 10 जून को MT Settebello और 11 जून को MT Jalveer जहाज को निशाना बनाया गया. सबसे दुखद घटना MT Settebello जहाज पर हुई, जहां Aditya Sharma, Suresh Patnala और Shivanand Chaurasiya नाम के तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. ओमान के अधिकारियों ने फंसे हुए लोगों को निकालने में मदद की.
अमेरिका और ईरान के बीच तकरार
अमेरिकी सेना की Central Command (CENTCOM) ने हमलों की बात कबूल की है. अमेरिका का कहना है कि 13 अप्रैल 2026 से ईरान के खिलाफ एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू है और इन जहाजों ने उस नियम को तोड़ा था. वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इसे बहुत बुरा बताया. उन्होंने इस कार्रवाई को ‘बर्बर’, ‘कानूनविहीन’ और ‘राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती’ करार दिया और कहा कि इससे दुनिया की शांति को खतरा है.
भारत सरकार का कड़ा रुख
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत ने इस मामले में अमेरिका के पास एक सीनियर डिप्लोमैट को बुलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है. भारत ने मांग की है कि तनाव को तुरंत कम किया जाए और शांति के लिए बातचीत का रास्ता अपनाया जाए. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस घटना को बहुत दुखद बताया और इसे समुद्री परिवार के लिए एक बड़ी क्षति कहा.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने भी MT Settebello पर हुए हमले को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है. उन्होंने इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है ताकि भविष्य में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
