ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका के राजनयिक को तलब किया है। पूर्व राजनयिकों ने अमेरिका के इस कदम को बेहद शर्मनाक बताया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कहा है।

तीन भारतीय नाविकों की मौत और हमले की वजह

10 जून 2026 को ओमान के तट के पास MT Settebello नाम के जहाज पर हमला हुआ। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। मरने वालों में चीफ इंजीनियर Patnala Suresh, डेक कैडेट Aditya Sharma और इंजन फिटर Shivanand Chaurasiya शामिल थे। अमेरिका के CENTCOM ने बताया कि उन्होंने MT Jalveer के इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागी थी क्योंकि जहाज अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था।

भारत सरकार ने अमेरिका को दी चेतावनी

इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने गहरा दुख और चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इस पर मीडिया को जानकारी दी। भारत सरकार ने 11 जून को कड़ा विरोध दर्ज कराया और 12 जून को फिर से अमेरिका के चार्ज डी’अफेयर्स Jason Meeks को बुलाकर अपना विरोध जताया। भारत ने मांग की है कि कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले तुरंत रुकने चाहिए।

पूर्व डिप्लोमैट ने अमेरिका को बताया ‘बुलि’

पूर्व राजनयिक Ashok Sajjanhar ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और अस्वीकार्य बताया है। उन्होंने कहा कि एक निहत्थे जहाज पर सैन्य कार्रवाई करना किसी गुंडे जैसी हरकत है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के शांति समझौते के दावों पर भी शक जताया है और इसकी तुलना ‘भेड़िया आया’ कहने वाले चरवाहे से की है। वहीं पूर्व विदेश सचिव Kanwal Sibal ने इन कार्रवाइयों को गैरकानूनी बताया है और कहा कि अमेरिकी सेना ने इन मौतों पर कोई खेद नहीं जताया है।

खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की स्थिति

खाड़ी क्षेत्र में इस समय करीब 18,000 भारतीय नाविक तैनात हैं। ऐसी घटनाओं से वहां काम करने वाले भारतीयों और उनके परिवारों के बीच डर का माहौल है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने भी इस हमले की निंदा की है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने तुरंत युद्धविराम करने और नेविगेशन अधिकारों को बहाल करने की अपील की है।