अमेरिका ने ईरान के क़ेशम पोर्ट और बंदर अब्बास पर सैन्य हमला किया है। इस घटना के बाद दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि युद्ध फिर से शुरू हो गया है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है ताकि हालात को संभाला जा सके और सैन्य टकराव को रोका जा सके।
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ईरान पर हमले और जवाबी कार्रवाई में क्या हुआ?
Fox News की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम बंदरगाहों पर हमला किया। इसी दौरान ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया। जवाब में ईरान ने भी दुश्मन इकाइयों पर मिसाइल हमले किए जिससे उन्हें पीछे हटना पड़ा। वहीं तेहरान के पश्चिमी हिस्सों में हुए धमाकों को ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम का टेस्ट बताया है, इसे कोई सुरक्षा घटना नहीं माना गया है।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होने वाला है?
खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान एक अस्थायी समझौते के करीब हैं। इस योजना के तहत सैन्य कार्रवाई को कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट को सुलझाने पर बात हो रही है। इसमें 30 दिनों की बातचीत की अवधि भी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई है कि मामला जल्दी सुलझ जाएगा, लेकिन उन्होंने साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत फेल हुई तो भारी बमबारी की जा सकती है।
अमेरिका की शर्तें और अन्य देशों का क्या हाल है?
अमेरिका ने शर्त रखी है कि ईरान को अगले 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा और कुछ परमाणु केंद्रों को पूरी तरह हटाना होगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ऑपरेशन फ्रीडम’ को कुछ समय के लिए रोक दिया है क्योंकि समझौते में अच्छी प्रगति हुई है। इस बीच पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। वहीं बहरीन में उन सांसदों को हटा दिया गया है जिन्होंने ईरान के प्रति सहानुभूति दिखाई थी। इसराइल भी अमेरिका के साथ तालमेल बिठा रहा है ताकि ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध शुरू हो गया है?
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हालिया हमले का मतलब युद्ध की वापसी नहीं है। दोनों देश वर्तमान में एक अस्थायी समझौते के करीब हैं ताकि सैन्य तनाव को कम किया जा सके।
अमेरिका ने ईरान के सामने क्या मुख्य शर्तें रखी हैं?
अमेरिका चाहता है कि ईरान अगले 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे और अपनी चुनिंदा परमाणु सुविधाओं को नष्ट करे।