अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। 10 जून 2026 को अमेरिका ने ईरान के होरमुज़गान प्रांत के सिरिक (Sirik) इलाके में हमला करके दो बड़े पानी के टैंकों को तबाह कर दिया। इस हमले की वजह से 10 गांवों के करीब 20,000 लोग बिना पानी के रहने को मजबूर हो गए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई (Esmaeil Baqaei) ने इसे एक सोचा-समझा युद्ध अपराध बताया है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई कहा है।

ईरान के पानी के ठिकानों पर हमले से क्या नुकसान हुआ है?

ईरान के अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में दक्षिणी ईरान के सिरिक काउंटी में पानी के दो बड़े जलाशयों (reservoirs) को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे करीब 10 गांवों की जलापूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। ईरान के जल उद्योग के प्रवक्ता ईसा बोज़र्गज़ादेह (Isa Bozorgzadeh) और होरमुज़गान प्रांत के मुख्य न्यायाधीश मोजतबा गहरमानी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के पीने के पानी के संसाधनों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों (International Humanitarian Law) का खुला उल्लंघन है और इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिका और ईरान के नेताओं ने इस पर क्या बयान दिए हैं?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह हमला उनकी तरफ से आत्मरक्षा में किया गया था। अमेरिकी सेना के मुताबिक, उनके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद यह जवाबी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान पर और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि ईरान किसी भी खतरे के सामने मजबूती से खड़ा रहेगा और वह पीछे हटने वाला नहीं है।

इस हमले के बाद खाड़ी देशों में क्या स्थिति बनी हुई है?

इस घटना के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। जॉर्डन ने पुष्टि की है कि उसने ईरान की तरफ से आई 5 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। ओमान की खाड़ी में भी एक तेल टैंकर को रोका गया है। इस बढ़ते तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय प्रवासियों और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ सकता है, क्योंकि इस रास्ते से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामानों का व्यापार होता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका ने ईरान के पानी के ठिकानों पर हमला क्यों किया?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) के अनुसार, होरमुज़ जलडमरूमध्य के पास उनके एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था जिसके जवाब में उन्होंने आत्मरक्षा में यह हवाई हमले किए।

इस हमले से ईरान के कितने लोगों पर असर पड़ा है?

इस हमले में होरमुज़गान प्रांत के सिरिक काउंटी में दो मुख्य पानी के टैंक नष्ट हो गए, जिससे 10 गांवों के लगभग 20,000 लोगों को पीने के पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

क्या अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पानी के स्रोतों पर हमला करना प्रतिबंधित है?

हां, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और जिनेवा कन्वेंशन के तहत आम नागरिकों के जीवित रहने के लिए जरूरी पानी और भोजन के संसाधनों को नष्ट करना या उन्हें निशाना बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com