अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 10 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के होर्मोज़गान प्रांत के सिरीक में हवाई हमले किए, जिसमें पीने के पानी के दो बड़े जलाशयों को नष्ट कर दिया गया। इस हमले के बाद इलाके के 10 गांवों के करीब 20,000 लोग भीषण गर्मी में पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लोगों और प्रवासियों के बीच हड़कंप मच गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। कुछ समय पहले ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने होर्मोज़गान प्रांत में एयर डिफेंस सिस्टम और रडार साइटों को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने पानी के टैंकों पर हमले के आरोपों पर सीधे तौर पर कोई बयान देने से इनकार कर दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इस हमले को अमेरिकी लाचारी का संकेत बताया है।
पानी के संकट से जूझ रहे हैं 20,000 से ज़्यादा लोग
होर्मोज़गान वाटर कंपनी के प्रमुख अब्दुलहामिद हमजेहपुर ने बताया कि सिरीक जिले में 500 और 2000 क्यूबिक मीटर क्षमता के दो बड़े कंक्रीट के जलाशय पूरी तरह तबाह हो गए हैं। इस समय वहां का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच है, ऐसे में लोगों के पास पीने का पानी नहीं बचा है। सरकार टैंकरों के जरिए आपातकालीन पानी की सप्लाई करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पूरे सिस्टम को फिर से ठीक करने में लंबा समय लगेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने इसे एक बड़ा युद्ध अपराध और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है।
खाड़ी देशों में बढ़े हमले, कुवैत और बहरीन पर दागी मिसाइलें
इस हमले के जवाब में ईरान की सेना ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में बने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी ने चेतावनी दी है कि ईरान की संप्रभुता पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस बढ़ते तनाव को देखते हुए रूस के विदेश मंत्रालय ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। खाड़ी देशों में रहने वाले अप्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इससे हवाई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में हवाई हमले किए, जिसके बाद यह तनाव बढ़ गया है।
अमेरिकी हमले से ईरान में आम जनता को क्या नुकसान हुआ है?
इस हमले में ईरान के सिरीक इलाके में स्थित दो बड़े पानी के जलाशय नष्ट हो गए हैं, जिससे 10 गांवों के 20,000 से अधिक लोग भीषण गर्मी में बिना पीने के पानी के रहने को मजबूर हैं।
ईरान ने अमेरिका के इस हमले का क्या जवाब दिया है?
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और संपत्तियों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए हैं।
