अमेरिका और बहरीन ने मिलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) में एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा बढ़ाना है। इस खबर के सामने आते ही ईरान ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और इसे अमेरिका का एक राजनीतिक खेल बताया है। दुनिया की नजरें अब इस प्रस्ताव पर टिकी हैं क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल ट्रेड और समुद्री रास्तों पर पड़ सकता है।

अमेरिका और Bahrain ने UN में क्या मांग की है?

अमेरिका और बहरीन ने UN सुरक्षा परिषद में एक ड्राफ्ट प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • सैन्य कार्रवाई का डर: यह प्रस्ताव UN चार्टर के चैप्टर VII के तहत लाया गया है, जिसका मतलब है कि इसके नियम अनिवार्य होंगे और इनका पालन न करने पर सैन्य कार्रवाई या प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
  • ईरान से मांग: अमेरिका ने मांग की है कि ईरान समुद्री रास्तों पर हमले करना, माइन बिछाना और टोल वसूलना बंद करे।
  • पारदर्शिता: प्रस्ताव में ईरान से कहा गया है कि वह बिछाई गई माइन्स की सही जगह बताए और उन्हें हटाने में मदद करे।
  • समर्थन: इस कदम में सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों का भी पूरा समर्थन है।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बना रहा है। वहीं अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

ईरान ने इस प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?

ईरान ने अमेरिका के इस कदम को पूरी तरह गलत ठहराया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और राजदूत Amir-Saeid Iravani ने इस पर अपनी बात रखी है:

  • एकतरफा फैसला: ईरान का कहना है कि यह प्रस्ताव एकतरफा है और सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश करता है।
  • असली कारण: ईरान के मुताबिक तनाव की असली वजह अमेरिका और इसराइल की सैन्य कार्रवाइयां हैं, जिन्हें इस प्रस्ताव में नजरअंदाज किया गया है।
  • ब्लॉकड का आरोप: ईरानी राजदूत ने दावा किया कि असल में अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी की है और ईरान की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से सही है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि वह किसी भी तरह के हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करते हुए उसे बेकार बताया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

UN चार्टर का चैप्टर VII क्या होता है?

चैप्टर VII के तहत पारित प्रस्ताव बाध्यकारी होते हैं। अगर कोई देश इसे नहीं मानता, तो सुरक्षा परिषद आर्थिक प्रतिबंध लगा सकती है या सैन्य बल का उपयोग करने की अनुमति दे सकती है।

इस प्रस्ताव का समर्थन कौन से देश कर रहे हैं?

इस प्रस्ताव को अमेरिका और बहरीन ने पेश किया है और इसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और कतर का समर्थन प्राप्त है।