अमेरिका की ओर से एक नया बिल पेश किया गया है, जो भारत जैसे देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। अमेरिकी सीनेट में Lindsey O. Graham Sanctioning Russia Act of 2026 नाम का एक बिल लाया गया है, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की बात कही गई है। इसका मुख्य मकसद रूस को यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग के लिए मिलने वाली कमाई को रोकना है।

भारत सरकार की इस पर क्या है प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि वह इस प्रस्तावित कानून पर बारीकी से नजर बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साफ किया है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और ग्लोबल रणनीति के हिसाब से ही तेल का आयात करता है। सरकार का मानना है कि इस बिल में दोहरे मापदंड अपनाए गए हैं क्योंकि इसमें कुछ यूरोपीय देशों को छूट दी गई है, जबकि भारत जैसे देशों को निशाना बनाया जा रहा है।

क्या है इस बिल में खास

यह कानून उन पांच देशों को टारगेट करता है जो दुनिया में सबसे ज्यादा रूसी तेल और गैस खरीदते हैं। इसमें India, China, Slovakia, Hungary और Azerbaijan के नाम शामिल हैं। बिल के प्रावधानों के अनुसार, अगर यह पास होता है तो अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) हर 180 दिनों में प्रभावित देशों की सूची की समीक्षा करेंगे और टैरिफ दरें तय करेंगे। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति के पास राष्ट्रीय हितों को देखते हुए इन प्रतिबंधों को हटाने का अधिकार भी होगा। फिलहाल यह बिल सीनेट में है और उम्मीद है कि इसे अगस्त से पहले मंजूरी मिल सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.