ईरान का एक बड़ा सुपरटैंकर अमेरिका की नाकाबंदी को पार कर अपने देश पहुँच गया है। यह घटना बुधवार, 15 अप्रैल 2026 की है जब जहाज Strait of Hormuz पार कर Imam Khomeini Port की तरफ बढ़ा। खास बात यह है कि जहाज ने अपना ट्रैकिंग सिस्टम चालू रखा था और किसी भी तरह की लुका-छिपी नहीं की।
अमेरिका की नाकाबंदी और जहाज की जानकारी
US Central Command (CENTCOM) ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी लागू की थी। अमेरिका का मकसद ईरान पर दबाव बनाना था ताकि वह Strait of Hormuz को खुला रखे। इस सुपरटैंकर की क्षमता करीब 20 लाख बैरल तेल की है और यह US OFAC की प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल है। अमेरिका ने पहले दावा किया था कि नाकाबंदी से व्यापार पूरी तरह रुक गया है, लेकिन इस जहाज के पहुँचने से स्थिति बदल गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा हालात
पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत हुई थी, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम है जो 21 अप्रैल 2026 को खत्म होगा। ईरान अब Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से फीस लेने पर विचार कर रहा है, जिसे क्रिप्टोकरेंसी में भी चुकाया जा सकेगा। इससे पहले 2 अप्रैल को ईरान ने एक तेल टैंकर पर हमला किया था क्योंकि उसने आदेशों का पालन नहीं किया था।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 15 अप्रैल 2026 |
| नाकाबंदी की शुरुआत | 13 अप्रैल 2026 |
| जहाज का गंतव्य | Imam Khomeini Port |
| जहाज की क्षमता | 20 लाख बैरल |
| युद्धविराम की समाप्ति | 21 अप्रैल 2026 |
| नाकाबंदी लागू करने वाली एजेंसी | CENTCOM |
| बातचीत का स्थान | पाकिस्तान |
