अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब आर्थिक मोड़ ले चुका है. अमेरिका ने ईरान के व्यापार को रोकने के लिए जिस घेराबंदी (blockade) का इस्तेमाल किया है, उससे ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंची है. जहां एक तरफ नुकसान के अलग-अलग दावे हो रहे हैं, वहीं अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने इस पूरे संघर्ष में हुए खर्चों का ब्यौरा दिया है.

ईरान को कितना हुआ आर्थिक नुकसान?

सोशल मीडिया पर ईरान को 4.8 बिलियन डॉलर के नुकसान की खबरें चली थीं, लेकिन पेंटागन ने इस खास आंकड़े की पुष्टि नहीं की है. हालांकि, आर्थिक जानकारों और आधिकारिक रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं:

  • एक्सपर्ट का अनुमान: एक विश्लेषक के मुताबिक, अमेरिकी घेराबंदी की वजह से ईरान को हर दिन करीब 435 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है.
  • ईरानी मीडिया का दावा: ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उन्हें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 270 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है.
  • अमेरिकी रणनीति: डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने बताया कि अमेरिका इस घेराबंदी को अब वैश्विक स्तर पर लागू करेगा ताकि ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले हर जहाज पर नजर रखी जा सके.

अमेरिका को इस युद्ध में कितना पैसा लगा?

ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अमेरिका के लिए भी महंगी साबित हुई है. 29 और 30 अप्रैल 2026 को पेंटागन के अधिकारियों ने खर्चों का विवरण दिया:

विवरण अनुमानित राशि
आधिकारिक सैन्य खर्च 25 बिलियन डॉलर
अधिकतम संभावित खर्च (मरम्मत सहित) 40 से 50 बिलियन डॉलर
खर्च का मुख्य हिस्सा मुनिशन्स और हथियार

रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कांग्रेस की सुनवाई के दौरान इन खर्चों का बचाव किया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ किया है कि जब तक ईरान परमाणु समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तब तक यह नौसैनिक घेराबंदी जारी रहेगी. इस पूरी योजना को ट्रम्प प्रशासन ‘Economic Fury’ का नाम दे रहा है जिसके तहत हथियारों की सप्लाई करने वाले लोगों और संस्थाओं पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिकी घेराबंदी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के व्यापार और वित्तीय गतिविधियों को पूरी तरह रोकना है ताकि ईरान पर दबाव बने और वह परमाणु समझौते के लिए मजबूर हो सके.

पेंटागन ने युद्ध के खर्च के बारे में क्या जानकारी दी?

पेंटागन के अनुसार अब तक करीब 25 बिलियन डॉलर खर्च हुए हैं, जिसमें सबसे ज्यादा पैसा हथियारों पर लगा है. कुछ अनुमानों के मुताबिक यह खर्च 50 बिलियन डॉलर तक जा सकता है.